ये तानाशाह सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है , अपने ही चाचा को भूखे कुत्तों से नोचवा कर खिलाया

ये तानाशाह सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है , अपने ही चाचा को भूखे कुत्तों से नोचवा कर खिलाया

भारत एक डेमोक्रेटिक कंट्री है यहां के लोग अपने नेता का चुनाव स्वयं करते हैं यदि चुना हुआ नेता उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता तो उसे अगले चुनाव में हरा दिया जाता है सत्ता खोने के डर से चुना गया नेता जनता के भलाई में काम करता है लेकिन हर राष्ट्र की किस्मत हिंदुस्तान जैसी नहीं है दुनिया में कुछ ऐसे राष्ट्र हैं, जहां आज भी तानाशाह का राज चलता है बात यदि तानाशाहों की करें, तो उसमें नॉर्थ कोरिया (North Korea) के किम जोंग उन (Kim Jong Un) का नाम सबसे ऊपर आता है ये इतना क्रूर तानाशाह है कि अपने पिता की मृत्यु के बाद गद्दी हथियाने के लिए उसने अपने सगे चाचा को कुत्तों से नोचवा दिया था

चीन द्वारा समर्थित एक पेपर में छपी समाचार के मुताबिक़, किम जोंग उन के चाचा जांग सांग थाएक को मारकर 120 कुत्तों को खिला दिया गया था इन कुत्तों को करीब तीन दिन तक भूखा रखा गया था ये सारी घटना 2013 की है किम जोंग को डर था कि भविष्य में उसका चाचा उसकी गद्दी हथिया सकता है इस वजह से उसने जांग सांग को मरवा दिया था बोला जाता है कि उसकी मृत्यु को देखने के लिए कई अधिकारी वहीं खड़े थे उस समय किम जोंग ने आठ और लोगों को गद्दारी के आरोप में मारने का ऑर्डर दिया था

कुत्तों से बदतर दिया था करार
द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक़, जांग को नॉर्थ कोरिया का सबसे गद्दार शख्स करार दिया था इसके साथ ही उसे कुत्ते से भी बदतर करार दिया गया था उसपर देशद्रोह का आरोप लगाया गया था लेकिन बाद में कि किम जोंग ने अपने चाचा को झूठे आरोप में मरवा दिया था उसे डर था कि चाचा की वजह से उसकी गद्दी को खतरा हो सकता है बताया जाता है कि जब जांग सांग को कुत्ते काट रहे थे, तब वो बेहोश हो गया था इसी हालत में सारे भूखे कुत्तों ने उसे खा लिया था

कर सकता था राष्ट्र की मदद
जांग सांग की बायोग्राफी लिखी गई है इसका नाम सन इन लॉ ऑफ़ अ थियोक्रेसी रखा गया है इसके लेखक रा जोंग यिल ने पुस्तक में लिखा कि झांग की मृत्यु के साथ नॉर्थ कोरिया को गर्त से बचाने वाले इकलौते शख्स की मृत्यु हो गई उसके होने से राष्ट्र की तरक्की की आशा थी झांग को किम ने नॉर्थ कोरिया का जेनरल मैनेजर बनाया था लेकिन उसकी मृत्यु के बाद ये स्थान जो क्योंग चोल को दे दी गई इस नए जनरल की क्रूरता भी काफी प्रसिद्ध है उसे एंजल ऑफ डेथ के नाम से जाना जाता है देखना है कि नॉर्थ कोरिया की सहायता के लिए कौन सामने आएगा?