पुलिस अधिकारियों पर बयान बदलने का आरोप, जाने पूरा मामला

पुलिस अधिकारियों पर बयान बदलने का आरोप, जाने पूरा मामला

हाल ही में क्राइम का एक मुद्दा यूपी से सामने आया है। इस मुद्दे में एक बलात्कार पीड़िता ने अपने मां-बाप के साथ जिला मुख्यालय के बाहर जहर खाकर जान देने की प्रयास की व सीधे-सीधे पुलिस अधिकारियों पर बयान बदलने का आरोप लगाया है।

जी हाँ, मिली जानकारी के मुताबिक वाराणसी के कैंट थाना भीतर जिला मुख्यालय परिसर स्थित एसएसपी ऑफिस पर एक नाबालिग बलात्कार पीड़िता ने अपने मां-बाप के साथ जहर खा लिया व उसके बाद तुरंत उन्हें समीप के जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उन तीनों को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया व इस समय भी तीनों की हालत गम्भीर बनी हुई है। इस मुद्दे में पुलिस का बोलना है कि सारी घटना किसी साजिश के तहत प्रीप्लान है। इसी के साथ इस मुद्दे में पुलिस का बोलना है कि ''पहले ही आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। ''

इसी के साथ घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में अपनी मृत्यु के लिए सीओ कैंट, इंस्पेक्टर कैंट सहित पहाड़िया चौकी प्रभारी को दोषी बताया है, क्योंकि इन लोगों ने उन पर बयान बदलने का दबाव बनाया था। इस मुद्दे में मिली समाचार के अनुसार ''वाराणसी के लहरतारा निवासी गुप्ता परिवार पिछले दो महीने से पुलिस अधिकारियों के दफ्तर में न्याय की गुहार लगा रहे थे व आखिरकार उसने जिला मुख्यालय के बाहर जहर खाकर अपनी जान देने का निर्णय लिया। जहर खाने वालों में बलात्कार पीड़िता, उसके पिता मां शामिल हैं। '' वहीं इस मुद्दे में बताया गया है कि ''रेलवे में टिकट कलेक्टर जमीर आलम के ऊपर पीड़िता ने कुछ महीने पहले हीरोइन बनाने के नाम पर मुंबई ले जाकर बेच देने व बलात्कार का आरोप लगाया था। इस दौरान पीड़िता को खोजने निकले उसके भाई की भी मृत्यु हो गई व उसका मृत शरीर गंगा किनारे पड़ा मिला था। इसके बाद से ही परिवार बेटे की मृत्यु को मर्डर बताकर न्याय की गुहार लगा रहा था। ''

वहीं पुलिस ने यह भी बोला है कि 'इस मुद्दे में आरोपी है जिसे पुलिस गैर जमानती वारंट भी जारी कर रही है व जिसने उच्च न्यायालय में एंटीसिपेटरी बेल के लिए अप्लाई किया है। ' वहीं एसएससी के अनुसार, प्री प्लानिंग के तहत घटना को अंजाम दिया गया है। '