अगर चाहते है नौकरी में तरक़्क़ी और प्रमोशन तो,इस दिन भक्ति भाव से करें व्रत

अगर चाहते है नौकरी में तरक़्क़ी और प्रमोशन तो,इस दिन भक्ति भाव से करें व्रत

हिंदू धर्म में वार का मुख्य महत्व होता है. मान्यता है कि सप्ताह का हर दिन किसी ना किसी देवीदेवताओं का होता है. इसी क्रम में रविवार कादिन सूर्य देव का है. ऐसी मान्यता है कि सूर्य देव को ग्रहों का राजा कहा जाता है. यह सभी ग्रहों में सबसे शक्तिशाली होता है. सप्ताह के हर दिनका आपके जीवन पर एक प्रभाव पड़ता है उसी तरह रविवार का दिन भी आपके जीवन के लिए महत्वपूर्ण है. सूर्य के दुष्प्रभाव से बचने के लिएरविवार का व्रत करें. यह उम्र और सौभाग्य का दिन है. इस दिन भक्ति भाव से व्रत करें. रविवार का व्रत आप निम्न प्रकार से कर सकते हैं.

आप शुक्लपक्ष के पहले रविवार से अंतिम रविवार तक उपवास शुरू कर सकते हैं. आप किसी भी महीने के पहले रविवार से उपवास शुरू करसकते हैं. आप 21 से 51 रविवार तक उपवास कर सकते हैं.

रविवार को स्नान के बाद लाल वस्त्र धारण करें. माथे पर लाल चंदन का तिलक लगाएं. तांबे के बर्तन में पानी भर दें. रोली, अक्षत और लालफूल डालें. इस जल को सूर्यनारायण को समर्पित करें. इस समय धूप में ओम् ह्रीं हारुं नमः मंत्र का जाप करें. ऐसा करना अत्यंत शुभ मानाजाता है. नतीजतन, हर प्रयास में सफलता मिलती है.

रविवार को सूर्यास्त से पहले भोजन करें. इस दिन सात्विक भोजन या फल खाएं. आप गेहूं का आटा खा सकते हैं. इसे खाने से पहले भगवान कोसमर्पित कर दें. फिर पिएं. सुनिश्चित करें कि खाने में नमक हो.

पिछले रविवार को मनाएं. इस दिन हो. हबान के बाद ब्राह्मण को भोजन कराएं. लाल वस्त्र दान करें. दान दें ताकि आपका व्रत पूरा मानाजाएगा