मेडिकल छात्रा के साथ निर्मम ढंग से हुआ सामूहिक बलात्कार व मर्डर

मेडिकल छात्रा के साथ निर्मम ढंग से हुआ सामूहिक बलात्कार व मर्डर

शुक्रवार तड़के तिहाड़ कारागार में फांसी दिए जाने के बाद लंबे समय से पीड़िता को न्याय मिलने की राह देख रहे लोगों ने राहत की सांस ली। दिसंबर 2012 में एक मेडिकल छात्रा के साथ निर्मम ढंग से सामूहिक बलात्कार व मर्डर के दोषियों को आखिरकार उनके किए की सजा मिल गई, जिससे समाज में जघन्य क्राइम की सोच रखने वालों के मन में भी भय पैदा होगा।

उधर, निर्भया केस (Nirbhaya Case) के दोषियों के एडवोकेट एपी सिंह (AP Singh) ने बोला कि मुझे पहले दिन से पता था कि इस केस में क्या निर्णय आएगा फिर भी मैंने ये केस हाथ में लिया। उन्होंने बोला कि मैं यह केस हाथ में लेना ही नहीं चाहता था, मैंने इसे लेने से इन्कार कर दिया था। लेकिन दोषी पवन की पत्नी ने मेरी मां के सामने मुझसे रिक्वेस्ट की इसलिए मैंने इस केस को हाथ में लिया।  

एपी सिंह ने बोला कि इस केस को हाथ में लेने पर मुझे धमकियां मिलीं, सोशल मीडिया पर गालियां पड़ीं। उन्होंने बोला कि निर्भया की मृत्यु का सियासी लाभ उठाया गया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर जगह-जगह प्रोटेस्ट करवाने का आरोप लगाया।  

बता दें कि निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा मिलते ही तिहाड़ कारागार के बाहर अलग ही नजारा देखने को मिला। इस दौरान तिहाड़ के बाहर इकट्ठा हुए लोकल लोग निर्भया जिंदाबाद के नारे लगाते नजर आए। इसके साथ ही उन्होंने दोषियों का अगुवाई करने वाले एडवोकेट को खूब कोसा। जैसे ही फांसी की समाचार सामने आई, तिहाड़ कारागार के गेट नंबर तीन के बाहर इकट्ठा हुई भीड़ ने 'निर्भया जिंदाबाद, एपी सिंह मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाने प्रारम्भ कर दिए। इस दौरान लोग जश्न में डूबे नजर आए व उन्होंने मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया।