पहाड़ों पर बारिश से फसलें नष्ट, हल्द्वानी में बढ़े सब्जियों के दाम, शिमला मिर्च 40 से बढ़कर हुई 80 रुपये किलो

पहाड़ों पर बारिश से फसलें नष्ट, हल्द्वानी में बढ़े सब्जियों के दाम, शिमला मिर्च 40 से बढ़कर हुई 80 रुपये किलो

सब्जियों के दामों में उछाल आ गया है। शिमला मिर्च 40 रुपये प्रति किलो से बढ़कर दोगुने भाव यानी 80 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। वहीं फुटकर में बिक रहे टमाटर और प्याज के दाम में भी पांच रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हो गई है। आलू-फल आढ़ती व्यापारी एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री केशव दत्त पलडिया ने बताया कि पहाड़ में बारिश अधिक होने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। फसल नष्ट होने से उनकी खपत मंडियों में कम हो रही है, जिससे सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी हुई है। बताया कि सब्जियां कम मात्रा में पहुंचीं तो दाम और बढ़ सकते हैं।

आलू-प्याज के दाम थोक में घटे, फुटकर में बढ़े
थोक में आलू और प्याज के दाम में थोड़ी नरमी आई है, मगर फुटकर ग्राहकों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। क्योंकि थोक में भले ही आलू-प्याज के दाम दो से तीन रुपये तक घटे हों, मगर फुटकर कारोबारियों ने इसे और बढ़ा दिया है। फुटकर में इसके दाम बीते 10 दिनों में तीन से पांच रुपये तक बढ़ गए हैं।
 
हल्द्वानी मंडी में सब्जियों के थोक दाम प्रति किलो  
सब्जी   अब    10 दिन पहले  
आलू - 15      18 
प्याज - 20      22 
मिर्च  - 20      12 
टमाटर- 25      18 
भिंडी - 18      12 
शिमला- 60      30
बीन   - 80      40 
 
हल्द्वानी में सब्जियों के फुटकर दाम प्रति किलो
सब्जी   अब    10 दिन पहले  
आलू - 25       22
प्याज - 30       25 
मिर्च  - 40      40 
टमाटर- 30      25 
भिंडी - 20      20 
शिमला- 80     40
बीन   -100     80
सब्जियों के दाम दिनोंदिन आसमां छूं रहे हैं। एक माह पहले 10 रुपये किलो बिकने वाला प्याज 30 रुपये किलो पहुंच गया है। टमाटर भी 30 रुपये किलो हो गया है। सब्जियों के दाम के बढऩे से घर का बजट भी गड़बड़ा रहा है। 
-बिमला क्वीरा, गृहणी। 
---- 
गैस सिलिंडर के दाम तो हर माह बढ़ ही रहे हैं। अब सब्जियों के दाम भी बढऩे लगे हैं। बीन और शिमला मिर्च खाना तो गरीब के बस की बात नहीं है। दोनों सब्जियों के दाम 80 रुपये किलो के पार पहुंच गए हैं। ज्योति नेगी, गृहणी।


शहीद अजय रौतेला को सैन्य सम्मान के साथ नम आंखों ने दी अंतिम विदाई

शहीद अजय रौतेला को सैन्य सम्मान के साथ नम आंखों ने दी अंतिम विदाई

जम्मू के पुंछ में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए गढ़वाल राइफल्स और वर्तमान में 48 राष्ट्रीय राइफल के सूबेदार अजय सिंह रौतेला को सैन्य सम्मान के साथ सैकड़ों नम आंखों ने अंतिम विदाई दी ऋषिकेश के चंद्रेश्वर मोक्ष धाम घाट पर वीर सपूत पंचतत्व में विलीन हुआ। उनके बड़े पुत्र अरुण रौतेला ने उन्हें मुखाग्नि दी।


14 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में टिहरी जिले के दो सैनिक शहीद हुए थे। जिसमे खाड़ी टिहरी गढ़वाल निवासी सूबेदार अजय सिंह रौतेला (46 वर्ष) ने भी मातृभूमि के लिए महान शहादत दी।

रविवार को शहीद अजय सिंह रौतेला का पार्थिव शरीर जौलीग्रांट पहुंच गया था। जहां से सोमवार की सुबह शहीद अजय सिंह रौतेला के पार्थिव शरीर को उनके मूलगांव ले जाया गया। अंतिम दर्शन के पश्चात शहीद की अंतिम यात्रा दोपहर 12 बजे ऋषिकेश के चंद्रेश्वर मुक्तिधाम पहुंची।


मुक्तिधाम में सेना की 306 आर्टलरी फील्ड रेजीमेंट की टुकड़ी ने शहीद अजय सिंह रौतेला को शास्त्र सलामी दी। भारतीय सेना की ओर से आर्टिलरी फील्ड रेजीमेंट के कर्नल अजय कौशिक व राष्ट्रीय रायफल के सूबेदार योगेंद्र नेगी ने उन्हें पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कर्नल अजय कौशिक ने शहीद के पुत्र अरुण रौतेला को राष्ट्रीय ध्वज भेंट किया।

वहीं, प्रदेश सरकार की ओर से विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने अमर शहीद को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी टिहरी ईवा श्रीवास्तव, एडिशनल एसपी राजन कुमार, पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र नगर आरके चमोली पुलिस उपाधीक्षक ऋषिकेश डीसी धौंडियाल, नरेंद्र नगर के पूर्व विधायक ओमगोपाल रावत, सूबेदार प्रेमाराम, ऋषिकेश नगर निगम महापौर अनीता ममगांई, अजय के चाचा जबर सिंह रौतेला, उप जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी, ऋषिकेश की उप जिला अधिकारी अपूर्वा, तहसीलदार अमृता शर्मा आदि ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

बारिश के कारण बदलना पड़ा स्थान

शहीद अजय सिंह रौतेला के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम मुनिकिरेती के होना तय किया गया था। यहां पर सेना की ओर से तैयारियों की की गई थी। मगर, सुबह से लगातार बारिश के कारण अंत में अंतिम संस्कार के लिए ऋषिकेश मुक्तिधाम को चुना गया।

शहीद की शान में गगनभेदी नारों से गूंजा आकाश

शहीद अजय सिंह रौतेला का पार्थिव शरीर जब मुक्तिधाम पहुंचा तो यहां पहले से ही उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक व जनप्रतिनिधि पहुंचे थे। नागरिकों ने शहीद के सम्मान में जब तक सूरज चांद रहेगा अजय रौतेला नाम रहेगा..., अजय रौतेला तुम्हारा बलिदान नहीं भूलेगा हिंदुस्तान..., अजय रौतेला जिंदाबाद..., भारत माता की जय... और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। गगनभेदी नारों से पूरा माहौल गूंज उठा।