राजधानी में एक घर के आंगन में दिखा दुर्लभ प्रजाति का ये सांप

राजधानी में एक घर के आंगन में दिखा दुर्लभ प्रजाति का ये सांप
राजधानी दून में पिछले वर्ष वन विभाग की रेस्क्यू टीम के जानकारों ने दुर्लभ प्रजाति के सांपों में शुमार ब्रोंजबैंक ट्री स्नेक और मसूरी से ब्लैक बेलीड कोरल प्रजाति के सांपों के पकड़ने के बाद अब जानकारों की टीम ने हिमालयन व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर सांप को पकड़ा है. सहस्रधारा क्षेत्र से हिमालयन व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर सांप को पकड़कर सुरक्षित ले जाकर जंगल में छोड़ दिया गया.

दूसरी ओर भारतीय वन्यजीव संस्थान के सरीसृप विज्ञानियों का बोलना है कि उत्तराखंड समेत राष्ट्र के कई हिमालयी राज्यों में हिमालयन व्हाइट लिप्ट पिट वाइपर पाया जाता है, ऐसे में पकड़ा गया सांप हिमालयन व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर हो सकता है. सहस्रधारा रोड निवासी ऋषभ काला बृहस्पतिवार की सुबह घर के आंगन में लगे पेड़ों छटाई कर रहे थे.

इसी बीच उन्होंने हरे रंग के दुर्लभ प्रजाति के सांप को देखा. इसकी जानकारी उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी नीतीशमणि त्रिपाठी को दी तो प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देश पर विभागीय रेस्क्यू टीम तुरन्त मौके पर पहुंची और सांप को जैसे तैसे पकड़ा. अभी पकड़े गए सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है. 

पहली बार इस प्रजाति का सांप पकड़ा

रेस्क्यू टीम में शामिल जानकारों को दावा है कि पकड़ा गया सांप हिमालयन व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर है, जो पहली बार राजधानी दून में पकड़ा गया है. उधर, पकड़े गए सांप के संबंध में जब भारतीय वन्यजीव संस्थान के वरिष्ठ सरीसृप विज्ञानी चिकित्सक अभिजीत दास से जानकारी ली गई तो बताया कि उत्तराखंड समेत राष्ट्र के हिमालयी राज्यों में हिमालयन व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर पाया जाता है. ऐसे में इस प्रजाति के सांप का पकड़ा जाना अचंभित करने वाली बात नहीं है. यह हो सकता है कि रेस्क्यू टीम के जानकारों ने पहली बार इस प्रजाति का सांप पकड़ा हो. 

आईयूसीएन की लाल सूची में शामिल है सांप

हिमालयन व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर दुर्लभ प्रजाति के सांपों में शामिल है. हिंदुस्तान समेत दुनिया के दक्षिण एशिया के कई राष्ट्रों में इस प्रजाति के सांपों के तेजी से कम हो रही संख्या के चलते इंटरनेशनल यूनियन ऑफ कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) इस प्रजाति के सांप को लाल सूची में डाला है. भारत, म्यांमार, बांग्लादेश, कंबोडिया, लाओस समेम कई राष्ट्रों में भ्रांतियाें के चलते कई लोग इस प्रजाति के सांप का शिकार दवाओं के लिए भी करते हैं. 

हरि पत्तियों के बीच शिकार में माहिर 

विज्ञानियों की माने तो पकड़ा गया हिमालयन व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर सांप हरी घासों और पत्तियों के बीच लगाकर शिकार करता है. शरीर का रंग हरा होने से सांप हरी घास और पत्तियों के बीच छुप जाता है, ऐसे में शिकार को आभास ही नहीं होता कि सांप का डेरा है. शिकार के निकट आने के साथ ही तेजी से हमला करता है और फिर शिकार को कब्जे में ले लेता है. सरीसृप विज्ञानियों के मुताबिक, पक्षी, मेंढक, छिपकली इसके पसंदीदा शिकार हैं.

 दक्षिण एशिया के कई राष्ट्रों में पाया जाता है

सरीसृप विज्ञानियों की मानें, तो व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर सांप हिंदुस्तान के हिमालय राज्यों के अतिरिक्त असम और झारखंड में भी पाया जाता है. इसके अतिरिक्त सांप की प्रजाति म्यांमार, नेपाल, थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम, लाओस, साउथ चीन, इंडोनेशिया समेत दक्षिण एशिया के कई राष्ट्रों में पाया जाता है. इसकी उम्र नौ से 10 वर्ष होती है और यह 60 सेमी से 80 सेमी लंबा होता है.