UP Weather : प्री मानसून सीजन में बादलों ने खूब भिगोया, 20- 22 जून के आसपास मॉनसून दे सकता है दस्तक

UP Weather : प्री मानसून सीजन में बादलों ने खूब भिगोया, 20- 22 जून के आसपास मॉनसून दे सकता है दस्तक

प्रदेश में प्री मानसून सीजन यानी मार्च से लेकर मई तक मेघ मेहरबान रहे. इन तीन माह के दौरान बादलों ने खूब भिगोया. अब प्रदेशवासी अच्छे मॉनसून की बाट जो रहे हैं ।

केरल में मानसून ने तय समय एक जून को दस्तक दे दी है । अगर इसकी चाल सामान्य रही तो 20- 22 जून के आसपास यह प्रदेश में दस्तक दे सकता है.

मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते तीन माह में जहां सामान्य बारिश 32.6 मिली मीटर होती है । इससे कहीं अधिक अधिक 89.8 मिली मीटर रिकॉर्ड की गई । वहीं बीते साल यह 12. 6 व साल 2017-18 में 27.4 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई थी । मौसम विभाग के अनुसार मई में इस बार प्रदेश के 60 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि छह जिलों में सामान्य बारिश रिकॉर्ड की गई. गौरतलब है कि बीते साल मई माह में केवल तीन जिलों में ही सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई थी.

मौसम विभाग ने इस साल सामान्य बारिश की घोषणा की है । यानी इस साल मानसून के चार महीनों (जून-सितंबर) में 96 से 104 फीसद बारिश की आसार जाहीर की गई है । कृषि प्रधान देश होने के कारण हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बारिश बेहद अहम है. वही कृषि अर्थव्यवस्था की भी है रीढ़ मानी जाती है । कोरोनावायरस से लड़खड़ा चुकी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी पैदावार बेहद महत्वपूर्ण है । दक्षिण पश्चिम मानसून के सामान्य रहने की घोषणा से अन्नदाता के बुझे चेहरों पर ही खुशी नहीं दिखाई देगी बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के भी कुछ संभलने की उम्मीद है.

उपकार के महानिदेशक एवं आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाक्टर बृजेंद्र सिंह बताते हैं कि मई के महीने में जो बारिश हुई है इससे कुछ स्थान थोड़ा बहुत नुकसान हुआ होगा लेकिन अच्छी बात यह रही कि किसानों को खरीफ की बोवाई के लिए खेत तैयार करने में मदद मिली. खेतों में नमी है. किसानों ने जोताई करके खेतों को बोवाई के लिए तैयार कर लिया है. यही नहीं किसानों ने धान की नर्सरी भी डाल दी है. यदि मानसून की चाल अच्छा रहती है तो प्रदेश में 15 जून से 20 -22 जून तक धान की बोवाई पूरी कर ली जाएगी. इसका लाभ यह होगा खरीफ की फसल समय से तैयार होने पर आगे गेहूं को भी समय पर लगा सकेंगे. उन्होंने बोला कि हमारा कृषि प्रधान देश है यही वजह है कि कोरोना महामारी में भी हम दूसरों की अपेक्षा बहुत ज्यादा हद तक संभले रहे. उन्होंने बोला कि 70 फीसद आबादी कृषि क्षेत्र से जुड़ी हुई है. यही वजह है कि हमें उस तरह के संकट का सामना नहीं करना पड़ा जिससे अन्य लोगों को करना पड़ा है.

बादलों ने रोकी तपिश

बीते तीन-चार दिनों से मौसम सुहावना बना हुआ है. आसमान पर बादल है जिससे तपिश में कमी आई है. सोमवार को प्रातः काल से कड़ी धूप थी लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही बादलों की आवाजाही प्रारम्भ हो गई .इसके चलते तपिश कम महसूस की गई. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन-चार दिन में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी । प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है. राजधानी में मंगलवार को आंशिक बदली रहेगी । सोमवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस कम 36.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य के मुकाबले 1.1 डिग्री कम 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वायुमंडल में 92 फीसद आद्रता रिकॉर्ड की गई । दक्षिण पूर्वी हवाएं नमी लेकर आ रही है जिसके कारण मौसम नरम बना हुआ है. आसमान पर बादलों की आवाजाही मॉनसून आने का इशारा दे रही है.