यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने निराश्रित लोगों के लिए खोला यह मोर्चा

 यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने निराश्रित लोगों के लिए खोला यह मोर्चा

 कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण काल में भी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस पर नियंत्रण लगाने के लिए अपना मोर्चा खोल रखा है. उनका कोशिश है कि लॉकडाउन में सभी प्रवासी तथा यूपी में निवास कर रहे दूसरे राज्यों के लोग अपने-अपने घर पहुंचे. इसके साथ ही कहीं पर भी कोई भी भूखा न रहे.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार टीम-11 के साथ मीटिंग में प्रदेश के सभी निराश्रित लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के आदेश दिए हैं. उन्होंने बोला कि जिस निराश्रित आदमी के पास राशन न हो, उसे खाद्यान्न के लिए एक हजार रुपये की आॢथक सहायता उपलब्ध कराई जाए. इसके साथ ही ऐसे लोगों के राशन कार्ड भी बनाए जाएं, जिससे उन्हेंं नियमित तौर पर खाद्यान्न मिलता रहे. हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कोई भूखा न रहे.

मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास पर आज भी लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने बोला कि किसी निराश्रित आदमी के गंभीर रूप से बीमार होने की हालात में, यदि उसके पास आयुष्मान भारत योजना अथवा सीएम जन आरोग्य योजना का कार्ड नहीं है, तो उसे तात्कालिक मदद के तौर पर दो हजार रुपये दिए जाएं. ऐसे निराश्रितों के समुचित इलाज की व्यवस्था भी की जाए. प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने आदेश दिए कि किसी निराश्रित आदमी की मौत होने पर उसके परिवार को अन्तिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाए.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया कि प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में कामगारों या श्रमिकों के लिए भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित होती रहे. उन्होंने बोला इसी प्रकार प्रदेश से विभिन्न राज्यों को जाने वाले श्रमिकों के लिए भी भोजन-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. प्रदेश आने वाले कामगारों को पृथक केन्द्र ले जाया जाए. वहां मेडिकल स्क्रीनिंग में स्वस्थ पाए गए श्रमिकों को राशन किट उपलब्ध कराते हुए घर में पृथक-वास में रहने के लिए घर भेजा जाए तथा अस्वस्थ लोगों के इलाज की व्यवस्था की जाए. इस दौरान घर में पृथक-वास के दौरान उन्हेंं एक हजार रुपये का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया जाए.

मुख्यमंत्री ने बोला कि पृथक-वास केन्द्र तथा सामुदायिक रसोई व्यवस्था को प्रभावी तरीका से संचालित करने के भी आदेश दिए. उन्होंने बोला कि निगरानी समितियों के सक्रिय रहने से संक्रमण को रोकने में मदद मिल रही है. निगरानी समितियों के सदस्यों से नियमित संवाद कायम रखते हुए इनके निरगानी काम पर रिएक्शन प्राप्त किया जाए. लॉकडाउन को पास बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त करे. इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्र न होने पाए. उन्होंने प्रदेश में एक से आपूॢत श्रृंखला के सुचारु संचालन के आदेश भी दिए.

मुख्यमंत्री ने बोला समस्त जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा ऑफिसर नियमित तौर पर निरीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित करें कि सभी कोविड अस्पताल सुचारु रूप से संचालित हों. अन्य गम्भीर रोगों के इलाज के लिए गैर कोविड अस्पताल में उपचार के प्रबन्ध किए जाएं. इसके साथ ही जाँच क्षमता में हर प्रकार वृद्धि का काम जारी रखने को भी बोला है.