पंचायत चुनाव को लेकर बीजेपी ने कोरोना संकट के दौरान उठाए यह बड़े कदम

 पंचायत चुनाव को लेकर बीजेपी ने कोरोना संकट के दौरान उठाए यह बड़े कदम

भले ही पंचायत चुनाव को लेकर अभी तस्वीर साफ न हो पर बीजेपी ने कोरोना संकट के मद्देनजर चलाए जा रहे सेवा कार्यों के साथ इन चुनावों पर भी निगाहें टिका दी हैं. बूथ अध्यक्षों से लेकर प्रभारियों तक को बीजेपी के लिहाज से चुनावी जमीन को उपजाऊ बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.


बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पिछले दिनों मंडल अध्यक्षों तक से संवाद कर इस बारे में उन्हें आदेश और सुझाव दिए. मंडलों तक चल रही बैठकों में भी यही मामला प्रमुख रहा. उनसे बोला गया है कि वे सेवाकार्यों के साथ ही बूथ अध्यक्षों और बूथ कमेटियों के साथ मीटिंग कर पंचायत चुनाव के लिहाज से समीक्षा कर लें. यदि कहीं लोकसभा और विधानसभा चुनाव से भिन्न मतदान केन्द्र हैं तो उसके लिए कमेटी गठित कर ली जाए.
प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार, मंडल अध्यक्षों तक चल रही औनलाइन बैठकों में मनरेगा में बजट बढ़ाने के साथ पीएम नरेंद्र मोदी के घोषित पैकेज पर भी फोकस किया जा रहा है. लोगों को समझाया जा रहा है कि इससे गांवों व ग्रामीणों के आत्मनिर्भर बनने का रास्ता खुलेगा.

प्रवासी मेहनतकश पंचायत चुनाव में जरूरी किरदार निभाएंगे

भाजपा ने कोरोना संकट के चलते गांव लौटे प्रवासी मजदूरों की लामबंदी पर भी नजर टिकाई है. उसे पता है कि प्रवासी मेहनतकश पंचायत चुनाव में जरूरी किरदार निभाएंगे. इसीलिए मंडल और बूथ अध्यक्षों से अपने-अपने गांव में लौटे प्रवासी मजदूरों के भोजन-पानी और रोजगार की चिंता करने को बोला गया है.