विकास दुबे की काली कमाई का पुलिस ने किया खुलासा, पढ़े

विकास दुबे की काली कमाई का पुलिस ने किया खुलासा, पढ़े

आठ पुलिसवालों की मर्डर करने वाले दुर्दांत विकास दुबे (Vikas Dubey) के खात्मे के बाद अब उसकी काली कमाई पर शिकंजा कसने की तैयारी है। 

एक के बाद एक हो रहे खुलासे में पता चला है कि अपने 35 वर्ष के आपराधिक करियर में विकास दुबे ने देश और विदेश में अरबों रुपयों की अकूत संपत्ति अर्जित की। हालांकि विकास दुबे अपनी काली कमाई का निवेश सफेदपोशों के माध्यम से अलग-अलह बिज़नस में करता था। इनमे से एक है कानपुर का कारोबारी जय बाजपेई (Jai Bajpayi)। जय बाजपेयी इस वक्त एसटीएफ की हिरासत में है। अब तक कि जाँच में पता चला है कि जय बाजपेयी के माध्यम से विकास दुबे ने देश व विदेश में संपत्तियां अर्जित की। दोनों के बीच लाखों का लेनदेन होता था।

ब्यौरा जुटा रही एसटीएफ

मुद्दे की जाँच कर रही पुलिस व एसटीएफ ने दोनों के बीच हुए लेनदेन का ब्यौरा जुटाया है। जिसमें दोनों के बीच लाखों के लेनदेन के सुराग मिले हैं। अब या जानकारी प्रवर्तन निदेशालय को दी जाएगी। जय के स्टेट बैंक रामकृष्ण नगर में खाता बताया जा रहा है। इस खाते में बीते 1 वर्ष में करीब 1 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ। करीब 60 लाख रुपये जय ने खुद ही निकाले हैं। यह रकम कहां से आती थी व किस कार्य में खपाई जाती थी इसके लिंक तलाशे जा रहे हैं। एसटीएफ के मुताबिक जय की पत्नी श्वेता के खाते में 1 वर्ष में 60 लाख का लेनदेन हुआ। 45 लाख रुपए ख़ुद श्वेता ने निकाले, बाकी की रकम चेक के जरिए अन्य लोगों ने निकाला। जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय कर सकती है जांच



हालांकि विकास दुबे कानपुर एनकाउंटर में मारा जा चुका है, लेकिन उसके करीबियों पर अब शिकंजा कास सकता है। प्रवर्तन निदेशालय ने विकास के करीबियों व सहयोगियों की चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा मांगा है। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम कानपुर आकर इस मुद्दे की जाँच प्रारम्भ कर सकती है।

जय बाजपेयी के जरिए अधिकारियों, नेताओं के बीच पैठ बनाता था विकास दुबे

विकास दुबे के खात्मे के बाद अब एसआईटी उसके क्राइम की कुंडली खंगालेगी। साथ ही उसकी काली कमाई के राज को प्रवर्तन निदेशालय खोलेगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक विकास दुबे सीधे अधिकारीयों या नेताओं में पैठ नहीं बनाता था। वह इसके लिए जय बाजपेयी जैसे सफेदपोश कारोबारियों की मदद लेता था। उन्हीं के जरिए वह अपनी काली कमाई का निवेश करता था।