यूपी के ज्यादातर प्रदेश विश्वविद्यालयों ने जून में परीक्षाएं कराने पर सहमति देते हुए भेजी अपनी यह कार्ययोजना

यूपी के ज्यादातर प्रदेश विश्वविद्यालयों ने जून में परीक्षाएं कराने पर सहमति देते हुए भेजी अपनी यह कार्ययोजना

यूपी के ज्यादातर प्रदेश विश्वविद्यालयों ने जून में परीक्षाएं कराने पर सहमति देते हुए अपनी कार्ययोजना शासन को भेजी है. लखनऊ के डाक्टर राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने शासन को बताया है कि वह देश के अन्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों द्वारा अपनाए जाने वाले पैटर्न के अनुसार परीक्षाएं कराएगा. 


लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपनी शेष परीक्षाएं 15 जून से कराने का प्रस्ताव भेजा है.

राजधानी लखनऊ के ही ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय ने एक जून से 8 जून तक इंटरनल एसेसमेंट, ओपेन बुक इम्तिहान अथवा एसाइनमेंट के माध्यम से आनलाइन परीक्षाएं प्रारम्भ कराने का प्रस्ताव भेजा है. छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर ने सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षाएं 15 जून से 30 जून तक तथा लिखित परीक्षाएं एक जुलाई से 20 जुलाई तक कराने की योजना बनाई है. प्रो। राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय प्रयागराज ने 18 जून से परीक्षाएं प्रारम्भ कराने की तैयारी कर रखी है. दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने जून के पहले सप्ताह में अंतिम साल की शेष परीक्षाएं समापन कराने की अपनी योजना की जानकारी शासन को दी है. 

शासन को भेजी गई कार्ययोजना के अनुसार बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी ने अपनी शेष परीक्षाएं जून के पहले सप्ताह में तीन पालियों में कराने की बात कही है. यूपी राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज ने सत्र 2029-20 की इम्तिहान 10 जुलाई से प्रस्तावित की है. डाक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ने भी अपनी शेष परीक्षाएं एक जुलाई से प्रस्तावित की हैं, जो अगस्त के पहले सप्ताह तक संपन्न होंगी. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ ने 10 जून से शेष परीक्षाएं प्रारम्भ कराने व इम्तिहान का समय तीन घंटे से कम करके दो घंटे करने का निर्णय किया है.

डाक्टर राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या ने 15 मई परीक्षाएं प्रारम्भ कराने की बात कही थी, लेकिन अभी प्रारम्भ नहीं हो पाई हैं. जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया ने 14 जून से परीक्षाएं प्रारम्भ करने की योजना बनाई है. महात्मा ज्योतिबा फुले विश्वविद्यालय बरेली ने लॉक डाउन समाप्त होते ही तीन पालियों में परीक्षाएं प्रारम्भ कराने, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर ने लॉक डाउन समाप्त होने के 15 दिनों बाद शेष परीक्षाएं प्रारम्भ कराने, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी तथा वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर ने लॉक डाउन समाप्त होने के दो सप्ताह के अंदर परीक्षाएं प्रारम्भ कराने की बात कही है.