वाराणसी जिला मुख्‍यालय में प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज

वाराणसी जिला मुख्‍यालय में प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज

प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदेश व्‍यापी समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के क्रम में सोमवार की दोपहर वाराणसी में प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज किया गया। सुबह से ही वाराणसी जिला मुख्यालय पर सपा कार्यकर्ताओं का प्रदेश में अपराध और बेरोजगारी सहित कई मामलों को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। इस दौरान जिला प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते नारे गूंजने लगे और नारेबाजी के बीच मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं की पुलिस से बहस शुरू हो गई तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। वहीं विरोध प्रदर्शन के दौरान महात्‍मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र नेता राहुल सोनकर की तबीयत बिगड़ जाने के बाद पुलिस उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल ले गई। वहीं लाठी चार्ज के दौरान घायल अन्‍य सपाइयों को भी अस्‍पताल भेजा गया है।

सोमवार को प्रदेश व्‍यापी धरना प्रदर्शन के दौरान वाराणसी में भी सपाइयों ने प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान हाथों में पोस्‍टर बैनर लेकर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ सपा कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। नारेबाजी के दौरान पुलिस संग झड़प शुरु हुई तो पहले से ही तैयार पुलिस कर्मियों ने सपाइयों पर लाठी चार्ज कर दिया। इस दौरान कई सपा कार्यकर्ता चोटिल भी हो गए। वहीं प्रदर्शन के दौरान भगदड़ मचने से कई लोग घायल भी हो गए। लाठीचार्ज के दौरान मौके पर काफी देर तक अफरातफरी मची रही।


प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से मौके पर बतौर प्रभारी तैनात एसपी सिटी ने विवाद शुरु होने के बीच पहला डंडा चलाया फिर पुलिस कर्मी सपा कार्यकर्ताओं पर टूट पड़े। इस दौरान जो भी कार्यकर्ता जहां भ्‍ाी मिला उसे जमकर पीटा गया। थोड़ी देर तक मची अफरातफरी के बीच काफी सपा कार्यकर्ता इधर उधर हो गए। इस दौरान पुलिस पर कुछ कार्यकर्ता पथराव भी करने लगे जिसके बाद पुलिस ने तत्‍काल सक्रियता दिखाते हुए लाठी चार्ज कर दिया।


जिला मुख्यालय पर सोमवार की सुबह से ही पांच थानों की फोर्स के साथ एसीएम फोर्थ शुभांगी शुक्ला और एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी मौके पर मौजूद रहे। सपाइयों के प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस बल पर इस दौरान पथराव भी किया, जिसमें जवाब में पुलिस ने लाठी चार्ज कर सबको खदेड़ दिया। वहीं पूरी कार्रवाई के दौरान एसपी सिटी विकासचंद त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस बल द्वारा बल प्रयोग कर 50 से अधिक समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया।