कोरोना : बढ़कर 915 पर पहुंच गया मरीजों का आंकड़ा, इतनो की हुई मृत्यु

कोरोना :  बढ़कर 915 पर पहुंच गया मरीजों का आंकड़ा, इतनो की हुई मृत्यु

देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित शाहरों में शामिल मध्यप्रदेश के इंदौर में इस महामारी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिले में एक महीने से भी कम वक्त में इस महामारी के मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 915 पर पहुंच गया है, जबकि इनकी मौत दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा बनी हुई है.

इस बीच, दशा की समीक्षा के लिए केन्द्र सरकार के भेजे गये एक दल ने लोकल प्रशासन को लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने के आदेश दिए हैं. इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ऑफिसर (सीएमएचओ) प्रवीण जडिया ने मंगलवार को बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान जिले के 18 व लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है. इसके बाद जिले में इनकी कुल तादाद 897 से बढ़कर 915 पर पहुंच गई है.

उन्होंने बताया कि जिले में कोविड-19 से संक्रमित 52 लोगों की उपचार के दौरान मृत्यु हो चुकी है, जबकि इस महामारी के 71 मरीजों को उपचार के बाद स्वस्थ होने पर अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है. आंकड़ों की गणना के मुताबिक जिले में कोविड-19 के मरीजों की मौत दर मंगलवार प्रातः काल तक की स्थिति में 5.68 फीसदी थी. जिले में इस महामारी के मरीजों की मौत दर पिछले कई दिन से राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा बनी हुई है.

इस बीच, कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए दशा की समीक्षा के मकसद से केन्द्र सरकार ने अलावा सचिव स्तर के एक ऑफिसर की प्रतिनिधित्व में पांच सदस्यीय दल को इंदौर भेजा है. अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय दल ने जिले में इस महामारी के प्रकोप से निपटने के लिए भिन्न-भिन्न सरकारी विभागों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया है. इसके साथ ही, लोकल प्रशासन से बोला गया है कि वह जिले में लागू कर्फ्यू का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं.

केन्द्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि इंदौर देश के उन स्थानों में शामिल है जहां कोविड-19 को लेकर दशा विशेष रूप से गंभीर हैं व लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन से कोरोना वायरस के व फैलने का खतरा है. इंदौर को सूबे की आर्थिक व वाणिज्यिक राजधानी बोला जाता है. लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण तमाम उद्योग-धंधे ठप हैं.