प्रवासी श्रमिकों की रोजी-रोटी की मूलभूत समस्या का निवारण करना पहला कर्तव्य : मायावती

प्रवासी श्रमिकों की रोजी-रोटी की मूलभूत समस्या का निवारण करना पहला कर्तव्य : मायावती

 बसपा (BSP) की सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने शुक्रवार को बोला कि यूपी व बिहार में घर वापसी कर रहे लाखों प्रवासी श्रमिकों की रोजी-रोटी की समस्या का निवारण करना केन्द्र व प्रदेश सरकारों का पहला कर्तव्य है।

मायावती ने ट्वीट किया, ‘खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार में घर वापसी कर रहे इन बेसहारा लाखों प्रवासी श्रमिकों की रोजी-रोटी की मूलभूत समस्या का निवारण करना केंद्र व प्रदेश सरकारों का अब पहला कर्तव्य बनता है। ’ उन्होंने बोला कि इन्हें इनके घर के आसपास स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना ही सरकार की नीयत, नीति व निष्ठा की वास्तविक इम्तिहान है।

1.देश में पिछले 66 दिन से लाॅकडाउन के कारण हर प्रकार की उपेक्षा/तिरस्कार से पीड़ित जैसे-तैसे घर लौटने वाले लाखों प्रवासी श्रमिकों के लिए अन्ततः मा। न्यायालय को बोलना पड़ा कि रेल/बस से उन्हें फ्री घर भेजने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की है. बसपा की इस माँग की सरकार अनदेखी करती रही है.

न्यायालय को बोलना पड़ा कि कामगारों को घर भेजने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की
बीएसपी सुप्रीमो ने बोला कि देश में पिछले 66 दिन से लॉकडाउन होने के कारण हर प्रकार की उपेक्षा व तिरस्कार से पीड़ित जैसे-तैसे घर लौटने वाले लाखों प्रवासी श्रमिकों के लिए अंततः कोर्ट को बोलना पड़ा कि रेल व बस से उन्हें मुफ्त घर भेजने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की है। सरकार, बीएसपी की इस मांग की अनदेखी करती रही है।

1.देश में पिछले 66 दिन से लाॅकडाउन के कारण हर प्रकार की उपेक्षा/तिरस्कार से पीड़ित जैसे-तैसे घर लौटने वाले लाखों प्रवासी श्रमिकों के लिए अन्ततः मा। न्यायालय को बोलना पड़ा कि रेल/बस से उन्हें फ्री घर भेजने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की है. बसपा की इस माँग की सरकार अनदेखी करती रही है.

आम जनता को जीने के लिए न्याय चाहिए
मायावती ने एक अन्य ट्वीट में बोला कि केंद्र ने देर से ही ठीक 20 लाख करोड़ रुपए का जो आर्थिक पैकेज घोषित किया है, उसके भी जनहित में उचित उपयोग की इम्तिहान वास्तव में अब यहां होनी है। उन्होंने बोला कि आम जनता अपनी इस अभूतपूर्व दुर्दशा व बदहाली के लिए सरकारों की उपेक्षा व तिरस्कार को आगे शायद ही भूला पाए। आम जनता को जीने के लिए न्याय चाहिए।