यूपी में अब डूबने से हुई मौत राज्य आपदा घोषित, आश्रितों को मिलेगी चार लाख रुपये सहायता राशि

यूपी में अब डूबने से हुई मौत राज्य आपदा घोषित, आश्रितों को मिलेगी चार लाख रुपये सहायता राशि

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कुआं, नदी, झील, तालाब, पोखर, नहर, नाला, गड्ढा, जल प्रपात में डूबकर होने वाली मृत्यु को भी राज्य आपदा घोषित किया है। राजस्व विभाग ने इस बारे में बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य आपदा घोषित होने पर अब नदी, झील, तालाब, पोखर, नहर आदि में डूब कर किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को राज्य आपदा मोचक निधि से सरकार चार लाख रुपये की राहत राशि दे सकेगी। सहायता राशि उन्हीं मामलों में मिलेगी, जिनमें मृत्यु आपदा के कारण या दुर्घटनावश डूबने से हुई हो। आत्महत्या या किसी आपराधिक कृत्य के कारण डूबने से होने वाली मौत के लिए सहायता राशि नहीं दी जाएगी।

आपदा के कारण या दुर्घटनावश डूबने से हुई मृत्यु तथा स्वेच्छा से डूब कर हुई मौत (आत्महत्या) में भेद करने के लिए शासन ने प्रक्रिया तय कर दी है। ऐसे मामलों में पहले शव का पंचनामा किया जाएगा। किसी भी अधिसूचित आपदा से जनहानि होने पर उप जिलाधिकारी की ओर से पुष्टि के बाद ही राहत राशि का भुगतान किया जाता है।


डूबकर होने वाली मृत्यु के बारे में भी पंचनामा के आधार पर उप जिलाधिकारी द्वारा पुष्टि किए जाने के बाद ही राहत राशि का भुगतान करने का निर्णय लिया जाएगा। मृत्यु आपदा या दुर्घटनावश डूबने से हुई है या आत्महत्या के कारण, इस बारे में अंतिम निर्णय जिलाधिकारी लेंगे। प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों की मौत नदी, तालाब, नहर आदि में डूबने से होती है। इसे देखते हुए राजस्व विभाग ने शासन को डूबने से होने वाली मृत्यु को राज्य आपदा घोषित करने का प्रस्ताव भेजा था।


यह पहले से राज्य आपदा घोषित : इससे पहले राज्य सरकार की ओर से बेमौसम भारी वर्षा/अतिवृष्टि, बिजली गिरने, आंधी तूफान, लू प्रकोप, नाव दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर सफाई व गैस रिसाव, बोरवेल में गिरने से होने वाली दुर्घटना तथा मानव वन्यजीव द्वंद्व को राज्य आपदा घोषित किया जा चुका है।


सीएम योगी का निर्देश, कोरोना संक्रमण को लेकर अभी भी रहें गंभीर

सीएम योगी का निर्देश, कोरोना संक्रमण को लेकर अभी भी रहें गंभीर

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की गति थमने के बाद भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसको लेकर बेहद गंभीर है। कोरोना वायरस की समीक्षा बैठक में रविवार को अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-09 को जरा सा भी शिथिल न पडऩे का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति हर दिन के साथ और नियंत्रित होती जा रही है। वायरस अब भले ही कमजोर पड़ चुका है, लेकिन संक्रमण का खतरा अब भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन हमें यह समझना होगा कि वायरस कमजोर हुआ है, खत्म नहीं हुआ। अभी तो यहां पर संक्रमण कम हुआ है, पर जरा सी लापरवाही संक्रमण को फिर बाधा सकती है। उन्होंने कहा कि आप सभी लोग देखें कि सभी लोग मास्क, सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे कोविड बचाव के व्यवहार को जीवनशैली में शामिल करें। इतना ही नहीं बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें। भीड़ से बचें। इस सबको लेकर तो पुलिस बल सक्रिय रहे।


सामान्य है ऑक्सीजन की मांग व आपूर्ति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बेहतर होती स्थिति के बीच लगातार प्रयासों से ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति सामान्य हो गई है। इसके साथ ही, भविष्य के दृष्टिगत सभी भी तरह की चुनौतियों के लिए तैयारी की जा रही है। ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। कुल स्वीकृत 427 ऑक्सीजन प्लांट में से 87 प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। प्लांट स्थापना कार्यों की सतत मॉनीटरिंग की जाए।


15 के बाद भी जारी रखें गेंहूं खरीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित संरक्षण को सुनिश्चित करते हुए गेहूं खरीद 15 जून के बाद भी जारी रखने की जरूरत है। जब तक किसान आएंगे, गेहूं खरीद जारी रहेगी। कोरोना महामारी के बीच इस वर्ष गेहूं खरीद में उतर प्रदेश ने नया कीॢतमान रचा है। 10 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ हुआ है। इसके साथ ही सभी जगह पर 72 घंटे के भीतर भुगतान भी सुनिश्चित कराया जा रहा है। अब तो इन व्यवस्थाओं की हर दिन मॉनीटरिंग की जाएं।


हाईस्कूल व इंटर में नहीं जारी होगा मेरिट लिस्ट

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड महामारी के कारण इस बार माध्यमिक शिक्षा परिषद के 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद कर दी गई हैं। स्थिति सामान्य होने पर इन बच्चों को अंक सुधार का अवसर भी दिया जाए। कोई मेरिट न जारी किया जाए। परीक्षाफल तैयार करने की विस्तृत नियमावली से बच्चों/अभिभावकों को यथाशीघ्र अवगत करा दिया जाए। इसके साथ ही प्राविधिक शिक्षण संस्थानों में सुविधानुसार ऑनलाईन परीक्षा कराई जानी चाहिए। उच्च शिक्षण संस्थानों में 31 अगस्त तक परीक्षाफल जारी कर सितंबर के दूसरे पखवारे से नवीन शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की जानी चाहिए। संबंधित विभाग छात्रों को प्रोन्नत करने के फार्मूले और परीक्षा आयोजन की विधि सहित सभी नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी जल्द से जल्द जारी करें।