आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमितों में अन्य बीमारिया हो रही शामिल, जाने आंकड़ा

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमितों में अन्य बीमारिया हो रही शामिल, जाने आंकड़ा

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले कोरोना संक्रमितों में 59 प्रतिशत पहले से मधुमेह व उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे. 30 प्रतिशत को उच्च रक्तचाप व 29 प्रतिशत को मधुमेह था. ऐसे में डॉक्टर मधुमेह व हाइपरटेंशन को नियंत्रित रखने व दवाएं बंद न करने की सलाह दे रहे हैं.

एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में अभी तक संक्रमण के 532 मरीज भर्ती हुए. इसमें से 413 डिस्चार्ज हो चुके हैं, 27 का इलाज चल रहा है. 92 की मृत्यु हो चुकी है.
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाक्टर संजय काला ने बताया कि 15 फीसदी मृतकों में मधुमेह-हाइपरटेंशन समेत मल्टीपल बीमारियां मिलीं. 10 फीसदी मृतकों में सांस की कठिनाई पाई गई.

बरसात में ज्यादा सावधानी जरूरी

बरसात में संक्रमण का खतरा अधिक है, ऐसे में डॉक्टर मृतकों की केस हिस्ट्री के आधार पर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी-लिवर के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने को आगाह कर रहे हैं.

गंभीर मर्ज से पीड़ित थे संक्रमित, देर से भी आए : डाक्टर संजय काला

एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाक्टर संजय काला ने बताया कि अधिकतर संक्रमितों की मृत्यु की सीधी वजह संक्रमण नहीं था. इनको बीपी, मधुमेह, लिवर-फेफड़े जैसी गंभीर बीमारियां भी मिलीं. ये एसएन में तब भर्ती हुए, जब हालत ज्यादा क्रिटिकल हो गई.

उच्च रक्तचाप: 30 प्रतिशत
मधुमेह: 29 प्रतिशत
गंभीर निमोनिया: 11 प्रतिशत
दिल रोग : 11 प्रतिशत
फेफडे़ की बीमारी : 10 प्रतिशत
थायरायड : 2.70 प्रतिशत
लिवर : 6.30 प्रतिशत

60 से 70 आयु वालों की मौत दर अधिक 
80 से अधिक आयु के: 3.60 प्रतिशत
70 से 80 साल: 18 प्रतिशत
60 से 70 साल: 31 प्रतिशत
50 से 60 साल: 19 प्रतिशत
40 से 50 साल: 13 प्रतिशत
30 से 40 साल: 6.3 प्रतिशत
30 से कम: 10 प्रतिशत


- मधुमेह-ब्लडप्रेशर की जाँच करवाते रहें.
- बुजुर्ग मरीज बाहर जाने से बचें, घरों में ही रहें.
- दवाएं बंद न करें, चिकित्सकीय परामर्श करते रहें.
- भोजन में दाल, हरी तरकारी को नियमित करें.
- योग करें व छत, गैलरी में नियमित टहलें.