सीएम योगी के गढ़ को भेदने में जुटी सपा, गोरखपुर की नौ सीटों पर 95 ने की दावेदारी

सीएम योगी के गढ़ को भेदने में जुटी सपा, गोरखपुर की नौ सीटों पर 95 ने की दावेदारी

सूबे में सत्तासीन भाजपा से दो-दो हाथ करने के लिए सपाइयों ने जोर-आजमाइश शुरू कर दी है। गोरखपुर की नौ विधानसभा सीटों पर 95 लोगों ने साइकिल की सवारी के लिए दावेदारी पेश की है। उधर, पार्टी जातिगत समीकरण और जनाधार को टिकट का आधार बनाने की तैयारी में है, जिसके लिए दावेदारों की कुंडली राजधानी पहुंच गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वयं प्रदेश की सभी सीटों का गोपनीय सर्वे कराया है, जिसके आधार पर प्रत्याशियों का टिकट फाइनल होगा।


राष्ट्रीय अध्यक्ष का सर्वे पूरा, सभी दावेदारों की कुंडली राजधानी पहुंची

पिछले विधानसभा चुनाव में किसी भी सीट पर जीत का खाता न खोल पाने वाली सपा इस बार नए जोश और उत्साह के साथ मैदान में उतरने को तैयार है। पार्टी का टिकट पाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। युवा से लेकर अनुभवी कार्यकर्ता विधानसभा जाने के लिए पार्टी का सिंबल पाने के जुगाड़ में है। कोई पांच साल के कार्य गिना रहा है तो कोई सालों पुरानी निष्ठा की दुहाई दे रहा है। कई युवा क्षेत्र में अपने जनाधार के आधार पर पार्टी का टिकट चाह रहे हैं। उधर पार्टी नेतृत्व इस बार जुगाड़ के सहारे टिकट चाहने वालों को निराश करने की तैयारी में है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्वयं हर विधानसभा का दो-तीन राउंड का सर्वे कराया है, जिसकी रिपोर्ट के बारे में किसी को भनक तक नहीं है। ऐसे में सिर्फ जनाधार और समीकरण में फिट बैठने वाले ही पार्टी की प्रत्याशिता पाएंगे।


चौरी चौरा में सर्वाधिक 21 दावेदार

पार्टी कार्यालय पर अब तक जितने आवेदन आए हैं उनमें सर्वाधिक संख्या चौरीचौरा की है। यहां से 21 लोगों ने टिकट लिए आवेदन किया है। गोरखपुर शहर सीट से 16, खजनी से 12, गोरखपुर ग्रामीण से 09, सहजनवां से 07 जबकि कैम्पियरगंज, पिपराइच और बांसगांव से छह-छह लोगों ने टिकट के लिए आवेदन किया है।

कोई संगठन तो कोई अनुभव की दे रहा दुहाई


टिकट के लिए आवेदन करने वालों में पार्टी के वर्तमान से लेकर पूर्व पदाधिकारी तक शामिल हैं। कई पूर्व विधायकों ने भी दावेदारी की है तो कई ऐसे हैं जो पिछली बार सपा या किसी अन्य दल के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

विधानसभा क्षेत्रों से टिकट के लिए अब तक जितने भी आवेदन आए हैं, सभी को पार्टी कार्यालय पर भेजा जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशन में टिकट पर निर्णय होगा।


सीएम योगी की सरकारी कर्मचारियों और वकीलों को बड़ी सौगात, सब्सिडी पर मिलेंगे घर, रहेगी ये शर्त

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यूपी विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने प्रदेश के ग्रुप सी और डी के लाखों कर्मियों और अधिवक्ताओं के हित में बड़ा फैसला लिया है. प्रदेश सरकार इन कर्मचारियों को सब्सिडी पर मकान उपलब्ध कराने जा रही है. इन मकानों को लेने वालों को भूमि का मूल्य महज एक रुपए अदा करना होगा.

दरअसल, छूट पर मकान लेने वालों को लिए शर्त रखी जाएगी कि वे इस भूमि की 10 साल तक बिक्री नहीं कर पाएंगे. इस योजना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है. उच्चाधिकारियों से मंजूरी मिलने के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट से पास कराया जाएगा. कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद कर्मचारियों को योजना का लाभ मिल सकेगा.

मकान के लिए कर्मचारियों को नहीं होगी परेशानी

यूपी में अभी तक ग्रुप सी और डी के साथ ही अधिवक्ताओं को छूट पर मकान देने की व्यवस्था नहीं है. ग्रुप सी और डी के कर्मी और ऐसे अधिवक्ता जिनकी अधिक आय नहीं है, उन्हें मकान लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसीलिए इनको छूट पर मकान देने पर विचार-विमर्श के बाद प्रारूप तैयार किया गया है.

अधिवक्ताओं के लिए प्रयागराज में भूमि

हालांकि, अभी तक मकान देने की प्रक्रिया को सार्वजनिक नहीं किया गया है, जल्द ही इस संबंध में सूचना उपलब्ध करा दी जाएगी. पात्रों को मकान देने के लिए संबंधित विभाग ही नोडल होगा. अधिवक्ताओं के लिए प्रयागराज शहर में भूमि चिह्नित की जाएगी, ये जगह कहां चिंन्हित की जाएगी इसका अभी तक निर्धारण नहीं किया गया है.