CM योगी का बड़ा आदेश, उत्तर प्रदेश में किन कर्मचारियों काे मिलेगी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा

CM योगी का बड़ा आदेश, उत्तर प्रदेश में किन कर्मचारियों काे मिलेगी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा

यूपी सीम योगी आदित्यनाथ ने बोला है कि सभी सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों में बीमार, दिव्यांग कर्मचारी और गर्भवती महिला कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' की सुविधा दी जाए. इन्हें ऑफिस आने की कोई अनिवार्यता नहीं है. इसी प्रकार, सभी सरकारी कार्यालयों में 50 परसेंट कार्मिक क्षमता से ही काम लिया जाए. एक समय मे एक तिहाई से अधिक कर्मचारी कतई मौजूद न रहें. इस व्यवस्था को तत्काल कारगर बनाया जाए.

मुख्यमंत्री ने टीम 9 के साथ मीटिंग में बोला कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट' की रणनीति के साथ-साथ प्रदेशवासियों को टीकाकरण का सुरक्षा कवर प्रदान करने की रणनीति के अच्छे रिज़ल्ट देखने को मिल रहे हैं. बीते 30 अप्रैल को कुल 03 लाख 10 हजार केस सक्रिय थे. आज एक हफ्ते की अवधि में 55,000 सक्रिय केस कम हुए हैं. 24 अप्रैल को सर्वाधिक 38 हजार पॉजिटिव केस आये थे, तब से नए केस में लगातार गिरावट आ रही है. साथ ही, स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या प्रत्येक दिन बढ़ती जा रही है. रिकवरी दर बेहतर होता जा रहा है. 24 घंटे में 2,41,403 कोविड टेस्ट किए गए हैं. इसी अवधि में 28,076 नए पॉजिटिव केस की पुष्टि हुई है, जबकि 33,117 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं. वर्तमान में 2,54,118 कुल सक्रिय केस हैं. इनमें 1,98,857 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं.

मुख्यमंत्री ने बोला कि  वैक्सीनेशन की प्रक्रिया प्रदेश में तेजी से चल रही है. अब तक 01 करोड़ 34 लाख 30 हजार से अधिक डोज लगाए जा चुके हैं. अधिक संक्रमण दर वाले सात जिलों में 18-44 आयु वर्ग के 85,566 लोगों को वैक्सीनेट किया जा चुका है. यह अच्छा है कि इस आयु वर्ग में वैक्सीन वेस्टेज घटकर 0.11 परसेंट रह गया है. इसे शून्य तक लाने की जरूरत है. उन्होंने बोला कि आनें वाले सोमवार से 11 और जिलों में 18-44 आयु वर्ग के टीकाकरण अभियान का शुरुआत होगा. सम्बंधित प्रभारी मंत्री/स्थानीय जनप्रतिनिधि किसी न किसी टीकाकरण केन्द्र पर मौजूद रहें. लोगों का उत्साहवर्धन के लिए जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सहायक होगी. चिकित्सा एजुकेशन मंत्री के स्तर से वैक्सीन निर्माता कंपनियों से सतत सम्पर्क बनाये रखा जाए. प्रदेश सरकार सभी नागरिकों को टीकाकरण का सुरक्षा कवर निशुल्क मौजूद करा रही है. स्वास्थ्य जानकारों के परामर्श के मुताबिक कोविड-19 संक्रमित अथवा लक्षण वाले लोग अभी टीकाकरण न कराएं. इसी प्रकार स्वास्थ्य जानकारों का यह भी मानना है कि कोविड संक्रमित आदमी को स्वस्थ होने के न्यूनतम एक माह बाद ही वैक्सीनेशन कराना चाहिए. स्वास्थ्य संबंधी इन जरूरी जानकारियों से लोगों को जागरूक किया जाए.

मुख्यमंत्री ने बोला कि यह सुनिश्चित किया जाए कि टीकाकरण केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल का कठोरता से अनुपालन हो. ऑन-द-स्पॉट  पंजीयन से अव्यवस्था हो सकती है. अनावश्यक भीड़ न हो, इसके लिए औनलाइन  पंजीयन व्यवस्था को ही लागू रखना उचित होगा. जिनकी बारी है उनसे यथासंभव एक-दो दिन पूर्व फोन से सम्पर्क कर लिया जाना उचित होगा. संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए गांव-गांव टेस्टिंग का महा अभियान चल रहा है. लोग इसमें योगदान कर रहे हैं. नज़र समितियां घर-घर जाएं, स्क्रीनिंग करें, होम आइसोलेशन के मरीजों को मेडिकल किट मौजूद कराएं. लक्षणयुक्त लोगों के बारे में आरआरटी को सूचना देकर उनका एंटीजन टेस्ट कराया जाए. डीएम और सीएमओ यह सुनिश्चित करें कि टेस्ट की यह प्रक्रिया गांव में ही हो. सीएचसी/पीएचसी पर जाने की कोई अवश्यकता नहीं है. आरआरटी की संख्या में तीन से चार गुना बढ़ोतरी के लिए विशेष कोशिश किए जाएं. कांटेक्ट ट्रेसिंग और बेहतर करने की आवश्यकता है.


सीएम योगी का निर्देश, कोरोना संक्रमण को लेकर अभी भी रहें गंभीर

सीएम योगी का निर्देश, कोरोना संक्रमण को लेकर अभी भी रहें गंभीर

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की गति थमने के बाद भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसको लेकर बेहद गंभीर है। कोरोना वायरस की समीक्षा बैठक में रविवार को अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-09 को जरा सा भी शिथिल न पडऩे का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति हर दिन के साथ और नियंत्रित होती जा रही है। वायरस अब भले ही कमजोर पड़ चुका है, लेकिन संक्रमण का खतरा अब भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन हमें यह समझना होगा कि वायरस कमजोर हुआ है, खत्म नहीं हुआ। अभी तो यहां पर संक्रमण कम हुआ है, पर जरा सी लापरवाही संक्रमण को फिर बाधा सकती है। उन्होंने कहा कि आप सभी लोग देखें कि सभी लोग मास्क, सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे कोविड बचाव के व्यवहार को जीवनशैली में शामिल करें। इतना ही नहीं बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें। भीड़ से बचें। इस सबको लेकर तो पुलिस बल सक्रिय रहे।


सामान्य है ऑक्सीजन की मांग व आपूर्ति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बेहतर होती स्थिति के बीच लगातार प्रयासों से ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति सामान्य हो गई है। इसके साथ ही, भविष्य के दृष्टिगत सभी भी तरह की चुनौतियों के लिए तैयारी की जा रही है। ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। कुल स्वीकृत 427 ऑक्सीजन प्लांट में से 87 प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। प्लांट स्थापना कार्यों की सतत मॉनीटरिंग की जाए।


15 के बाद भी जारी रखें गेंहूं खरीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित संरक्षण को सुनिश्चित करते हुए गेहूं खरीद 15 जून के बाद भी जारी रखने की जरूरत है। जब तक किसान आएंगे, गेहूं खरीद जारी रहेगी। कोरोना महामारी के बीच इस वर्ष गेहूं खरीद में उतर प्रदेश ने नया कीॢतमान रचा है। 10 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ हुआ है। इसके साथ ही सभी जगह पर 72 घंटे के भीतर भुगतान भी सुनिश्चित कराया जा रहा है। अब तो इन व्यवस्थाओं की हर दिन मॉनीटरिंग की जाएं।


हाईस्कूल व इंटर में नहीं जारी होगा मेरिट लिस्ट

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड महामारी के कारण इस बार माध्यमिक शिक्षा परिषद के 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद कर दी गई हैं। स्थिति सामान्य होने पर इन बच्चों को अंक सुधार का अवसर भी दिया जाए। कोई मेरिट न जारी किया जाए। परीक्षाफल तैयार करने की विस्तृत नियमावली से बच्चों/अभिभावकों को यथाशीघ्र अवगत करा दिया जाए। इसके साथ ही प्राविधिक शिक्षण संस्थानों में सुविधानुसार ऑनलाईन परीक्षा कराई जानी चाहिए। उच्च शिक्षण संस्थानों में 31 अगस्त तक परीक्षाफल जारी कर सितंबर के दूसरे पखवारे से नवीन शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की जानी चाहिए। संबंधित विभाग छात्रों को प्रोन्नत करने के फार्मूले और परीक्षा आयोजन की विधि सहित सभी नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी जल्द से जल्द जारी करें।