भाजपा ने फैलाई है नफरत और बोला है झूठ, हर वर्ग में है भाजपा से नाराजगी - अखिलेश यादव

 भाजपा ने फैलाई है  नफरत और बोला  है झूठ,  हर वर्ग में है भाजपा से नाराजगी - अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि प्रदेश में हर वर्ग में भाजपा से नाराजगी है। भाजपा ने नफरत फैलाई है और झूठ बोला है।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को डुबोने के लिए उनके अपने ही काफी हैं। उनके अपने विधायक घरों पर सरकार को कोस रहे हैं। अनिल श्रीवास्तव व राजेंद्र सिंह से विशेष बातचीत में अखिलेश यादव ने कई मुद्दों पर बेबाकी से राय रखी।

सवाल- योगी सरकार ने सवा करोड़ लोगों को रोजगार देने के अभियान का शुभारंभ किया है। आपकी प्रतिक्रिया?
जवाब- भाजपा ने धोखे से सरकार बनाई है। अब जनता को एक और धोखा दे रहे हैं। वे मनरेगा को नौकरी मान रहे हैं। मनरेगा कांग्रेस ने शुरू थी। ऐसे तो न जाने कितने करोड़ लोगों को रोजगार दिया होगा। प्रदेश सरकार ने रोजगार देने के लिए आयोग बनाया है। बाहर से आने वाले श्रमिकों की स्किल मैपिंग कराई है। सरकार बताए कि आयोग में कितने लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, उनमें से कितनों को नौकरी दी गई। किस स्किल में किसे नौकरी दी गई है। सवा करोड़ लोगों को नौकरी देने का दावा 100 फीसदी झूठा प्रचार है। यह मुख्यमंत्री का उसी तरह का दिव्य गणित है जो उन्होंने बाहर से आने वालों के बारे में बताया था कि कहां से आने वाले कितने प्रतिशत श्रमिक कोरोना पॉजिटिव हैं। दिव्य गणित की तरह ही रोजगार देने की बात दिव्य झूठ है। इसमें युवाओं को नौकरी की बात नहीं है? 
सवाल- पीएम नेे अमेरिका जैसे देशों से तुलना करते हुए कहा है कि सीएम योगी ने 85 हजार की जान बचा ली?
जवाब- अमेरिका में ऐसी बहुत सारी बीमारियां नहीं हैं जो भारत में हैं। वहां एक भी केस नहीं जो गर्भवती महिला 500-600 किमी पैदल चली हो। प्रसव के बाद भी 100 किमी का सफर तय किया हो। अमेरिका में किसी का नाम लॉकडाउन सिंह या बॉर्डर सिंह रखा गया, हो तो बताएं। अमेरिका, स्पेन, इटली को देखने के बजाय सरकार चाहे तो फिर थाली और ताली बजवा ले और कहे कि देश में अब कोरोना वायरस नहीं है।
भूखे-प्यासे मजदूर पैदल चलते रहे... सड़कों पर प्रसव हुए... सरकार चुप रही
सवाल- दूसरे राज्यों से लगभग 35 लाख श्रमिक आए, अफरा-तफरी रही। क्या आपको लगता है कि लॉकडाउन की घोषणा पूरी प्लानिंग से नहीं हुई?
जवाब-  इस सरकार ने जो भी फैसले किए, सोच-समझकर नहीं किए। अभी पुराने फैसलों पर बात करने का समय नहीं है, लेकिन नोटबंदी, जीएसटी व कोविड-19 को लेकर फैसलों से अर्थव्यवस्था खत्म हो गई है। सरकार की व्यवस्था न होने से मजबूरी में भूखे-प्यासे मजदूर पैदल, साइकिल, बाइक व रिक्शों से घरों के लिए चल दिए। इस दौरान उन्हें अपमान और उत्पीड़न झेलना पड़ा। कितने ही लोगों की मौत हो गई, सड़कों पर प्रसव हुए। सरकार की संवेदनहीनता है कि उसने लॉकडाउन में हादसों व अन्य कारणों से जान गंवाने वाले एक भी श्रमिक परिवार की आर्थिक मदद नहीं की। सपा ने 70 श्रमिक परिवारों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी। सरकार चाहती तो गर्भवती महिलाओं के लिए मुख्य मार्गों पर एंबुलेंस की व्यवस्था कर सकती थी। प्रदेश में 90 हजार बसें हैं। प्लानिंग होती तो किसी भी मजदूर को घर जाने के लिए सैकड़ों किमी पैदल न चलना पड़ता।

लोन को राहत पैकेज बताकर प्रचारित किया...
सवाल- प्रधानमंत्री के 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज का क्या इम्पैक्ट देखते हैं?
जवाब- यह राहत पैकेज नहीं, ऋण है। इसे वापस करना पड़ेगा। दुनिया में पहली बार लोन को राहत पैकेज बताकर प्रचारित किया गया। पुरानी योजनाओं को एक जगह क्लब किया गया है। किसानों को राहत देने के बजाय कर्ज पर जीने की सलाह दी जा रही है। खरीद केंद्र नहीं खुलने से किसानों को कई फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पाया। गन्ना किसानों का 17 हजार करोड़ रुपये भुगतान बकाया है। बुंदेलखंड में दलहन की खेती बर्बाद हो गई। फल-सब्जी के किसानों की कमर टूट गई।

सवाल- भाजपा की वर्चुअल रैलियों का जवाब कैसे देंगे?
जवाब- ये वर्चुअल नहीं, खर्चुअल रैलियां हैं। भाजपा के पास फंड है, संसाधन हैं। हम इतना खर्च नहीं कर सकते। वर्चुअल रैली में 60-70 हजार एलईडी लगाए जाते हैं, जनरेटर, ट्रक, कार समेत साधन लगते हैं। वे  चीनी उपकरणों की मदद से खर्चुअल रैली कर रहे हैं और हम व्हाट्सएप कॉलिंग कर रहे हैं। व्हाट्सएप चीन का नहीं है। भाजपा को अगर डिजिटल तकनीक पर भरोसा है तो वादा करके क्यों छात्रों को लैपटॉप नहीं बांटे? क्यों मुफ्त में डाटा नहीं दिया? सपा सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का जो काम शुरू हुआ, उसे क्यों आगे नहीं बढ़ाती?
किसी भी पार्टी से नहीं करेंगे गठबंधन
सवाल- आप प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, कहां कमी मानते हैं?
जवाब- कमी तो सरकार में है। सरकार हट जाए तो सब ठीक हो जाएगा। सपा सरकार ने अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक वाहनों के साथ यूपी डायल 100 सेवा शुरू की। इसका रिस्पांस टाइम 5 से 10 मिनट था। महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान के लिए 1090 वीमेन पावरलाइन शुरू की थी। भाजपा सरकार ने इन सेवाओं को बर्बाद कर दिया। सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। रामपुर के डीएम, एसपी, पूर्व डीजीपी और मुख्यमंत्री कार्यालय ने आजम खां को झूठे मामलों में फंसाने का काम किया। मुख्यमंत्री ने अपने खिलाफ हत्या व दंगे के केस वापस ले लिए। क्या इससे कानून-व्यवस्था सुधरेगी? राजनीतिक लोगों को फंसाने की जो गलती कांग्रेस करती थी, वही अब भाजपा कर रही है। यह तरीका ठीक नहीं है।

सवाल- सपा के युवा संगठनों ने 26 जून को पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि के खिलाफ आंदोलन किया। क्या माना जाए कि सपा अब पूरी तरह विपक्षी तेवर में आ गई है?
जवाब- समाजवादी पार्टी अब हर महीने की 22 तारीख को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। पेट्रोल-डीजल मूल्य की वृद्धि बड़ा मुद्दा है, इसलिए पूरे प्रदेश के साथ ही लखनऊ में विधानभवन व लोकभवन के सामने प्रदर्शन किया गया, जहां बैठकर नकली अधिकारी ठेके के नाम पर लोगों को लूट रहे थे।

सवाल- 2022 के विधानसभा चुनाव में आपकी क्या रणनीति रहेगी?
जवाब- हम पिछली समाजवादी सरकार के काम और नया घोषणापत्र लेकर जनता के बीच जाएंगे। साइकिल लगातार चलेगी, रथ भी चलेगा। भाजपा ने धोखे के अलावा कुछ नहीं किया। उसके मेक इन इंडिया, अच्छे दिन, आत्मनिर्भर जैसे नारे फेल हो रहे हैं। लोग अपने आसपास देख रहे हैं। किसी के लिए कुछ किया हो तो बताएं। संकट के समय भी सपा सरकार के  समय की एंबुलेंस, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज जनता के काम आ रहे हैं। प्रधानमंत्री अब स्वीकार कर रहे हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा कोरोना का न इलाज है, न ही दवा। जब भाजपा जनता को गुमराह करके 325 सीटें जीत सकती है तो हम काम के बल पर 351 क्यों नहीं। समाजवादी पार्टी हर जाति, धर्म के लोगों को साथ लेकर, उनका सम्मान करके चुनाव में उतरेगी। सरकार के खिलाफ हर वर्ग में नाराजगी है।
घर में सब कुछ ठीक, अपर्णा को   सुरक्षा देना भाजपा की चाल...
सवाल- क्या एंटी इनकंबेंसी फैक्टर बनेगा?
जवाब- एंटी इनकंबेंसी पूरी है। भाजपा को डुबोने के लिए भाजपा के लोग ही काफी हैं। हमें तो बस मैनेजमेंट करना है। भाजपा विधायक घरों पर बैठकर अपनी ही सरकार को कोस रहे हैं। मंत्री नहीं समझ पा रहे कि क्या करें? भाजपा के एमएलए सरकार के खिलाफ खड़े हैं। सरकार सदन तक बुलाने की स्थिति में नहीं है। हालांकि 6 माह बाद सांविधानिक रूप से सदन आहूत करना पड़ेगा। बुराई इतनी बढ़ गई है कि सड़कों पर दिखाई दे रही है। लोगों को समाजवादी सरकार के काम अब याद आ रहे हैं। ये मनरेगा, हलवाई, बाटी-चोखा बनाने वालों को रोजगार देना बता रहे हैं।

सवाल- सपा अकेले चुनाव लड़ेगी या गठबंधन करके?
जवाब- प्रदेश में सपा अकेले लड़ाई लड़ने जा रही है। हम किसी बड़े दल (बसपा या कांग्रेस) से गठबंधन नहीं करेंगे। राष्ट्रीय लोकदल से हमारा गठबंधन है और रहेगा। सेकुलर सोच वाले छोटे दलों को साथ लेने पर विचार करेंगे।

सवाल- शिवपाल सिंह यादव की सदस्यता निरस्त कराने की याचिका वापस लेने से क्या माना जाए कि सैफई परिवार में एका की राह खुल गई है। चाचा से गठबंधन होगा या सपा में वापसी?
जवाब- हमारा घर ठीक है। उनकी (शिवपाल सिंह यादव) पार्टी बनी रहेगी। जसवंतनगर में वे ही चुनाव लड़ेंगे। उनके साथ हमारा एडजस्टमेंट हो जाएगा।

सवाल- प्रदेश सरकार ने अपर्णा यादव को सुरक्षा दी है। इसके मायने?
जवाब- इसके मायने आप नहीं समझते? उन्हें लगने लगा कि बड़ा नुकसान होने जा रहा है तो फिर चाल चली है। अपर्णा को सुरक्षा देना 500 फीसदी भाजपा की ट्रिक (चाल) है। भाजपा साजिश करने में माहिर है। आजम खां के खिलाफ साजिश की। हमारे खिलाफ साजिश की। हमारे घर का नक्शा पास न हो, इसके लिए पीआईएल कराई। हमारे खिलाफ टोंटी ले जाने जैसा भद्दा दुष्प्रचार कराया।

सवाल- भाजपा विरोधी वोटों का बिखराव कैसे रोकेंगे?
जवाब- हम भाजपा विरोधी वोटों का बिखराव रोकने के बजाय चाहेंगे कि सभी विपक्षी दल भाजपा सरकार की नाकामी बताएं। जब चार-चार प्लेटफॉर्म से सरकार की कमी बताई जाएगी तो भाजपा को जवाब देना पड़ेगा। विकल्प तो जनता तय करेगी।
चीन मसले पर सच्चाई नहीं बता रही भाजपा सरकार
सवाल- चीन से खतरे को लेकर नेताजी (मुलायम सिंह यादव) शुरू से सरकार को आगाह करते रहे हैं। चीन के मुद्दे पर क्या केंद्र सरकार से चूक हुई है?
जवाब- डॉ. लोहिया, जॉर्ज फर्नांडीज, नेताजी व समाजवादी पक्ष चीन को बड़ा खतरा बताते रहे हैं। पाकिस्तान से उतना खतरा नहीं मानते थे। केंद्र सरकार को डोकलाम के समय ही सावधान हो जाना चाहिए था। चीन का धोखे का पुराना इतिहास रहा है। अब देश की 130 करोड़ जनता जानना चाहती है कि सच्चाई क्या है? भाजपा सरकार सच्चाई नहीं बता रही। चीन के खिलाफ दीर्घकालिक रणनीति बननी चाहिए।

सवाल- चीन के साथ ही नेपाल भी आंखें दिखा रहा है, क्या इसे सरकार की कूटनीतिक विफलता मानते हैं?
जवाब- केंद्र सरकार के गलत फैसलों से चीन ने चारों तरफ मित्र बना लिए हैं। नेपाल पर भारत ने कुछ प्रतिबंध लगाए थे जिसका फायदा चीन ने उठाया। उसी देश की विदेश नीति अच्छी मानी जाती है जिसके पड़ोसी मित्र होते हैं। हमने सभी पड़ोसी नाराज कर दिए हैं। मैंने बहुत पहले मांग की थी कि लिपुलेख तक फोर लेन रोड बनाई जाए। फौज को मूव करना हो तो इससे आसानी होती। इस सरकार ने विपक्ष का कोई सुझाव नहीं माना।

सवाल- हम इनसे बड़े और पक्के हिंदू 
जवाब- अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से भाजपा को कितना फायदा होगा? इस सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि राम मंदिर बनाने का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। देश भर के लोगों ने इस फैसले का सम्मान किया है। हम हिंदू हैं और किसी को संदेह हो तो बताए। जब मैं मुख्यमंत्री था तो 5, कालिदास आवास में बाथरूम के पास मंदिर बना था। मुझे बताया गया कि यह ठीक नहीं है। मैंने बाथरूम हटवाकर सुंदर मंदिर बनवाया। उससे अच्छा पत्थर का काम कहीं नहीं हुआ। इन्होंने तो उस मंदिर के गरीब ब्राह्मण पुजारी को भी हटा दिया। हम इनसे बड़े और पक्के हिंदू हैं। लेकिन ये ऐसे लोग हैं कि बीमारी का भी राजनीतिक फायदा उठा लेते हैं। जनता से थाली बजवा ली। थाली बजाने से कोरोना दूर हो जाता तो हम भी उनके साथ थाली बजा लेंगे।

सवाल- हम राम को भी मानते हैं और कृष्ण को भी
जवाब- आप तो विष्णु मंदिर बनवाने की बात कह रहे थे? अखिलेश बोले- हमने तीन हजार एकड़ में लॉयन सफारी बनाया। यह सरकार उसे शुरू नहीं कर पाई है। यमुना व चंबल का बीहड़ डकैतों का क्षेत्र रहा है। जमीन सस्ती है। हमने टूरिज्म के बहाने इस क्षेत्र का भविष्य संवारने की कोशिश की। विष्णु मंदिर के साथ ही मुगले आजम की थीम पर पार्क बनाने की भी घोषणा की थी। हम हिंदू हैं। भगवान विष्णु का मंदिर बनाने की बात इसलिए की क्योंकि जो राम हैं वही कृृष्ण हैं। वे भगवान विष्णु का रूप हैं। हम राम को भी मानते हैं और कृष्ण को भी। हमने सैफई में हनुमानजी की भव्य मूर्ति लगाई है।