मीटर लेकर ऊर्जा भवन पर पहुंचे किसान

मीटर लेकर ऊर्जा भवन पर पहुंचे किसान

महंगी बिजली और किसानों के खेतों में ट्यूबवेल पर मीटर लगाने के विरोध में धरने पर बैठे किसानों ने गवर्नमेंट से आरपार की जंग का घोषणा कर दिया है. मेरठ ऊर्जा भवन पर 2 दिनों से वेस्ट उत्तर प्रदेश के 14 जिलों के किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. सोमवार को धरना स्थल पर भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत बेटे गौरव टिकैत के साथ पहुंचे.

नरेश टिकैत ने पंचायत में बोला गवर्नमेंट ने किसानों की बातें नहीं मानी तो विवश होकर आरपार की जंग करनी पड़ेगी. बोला पता नहीं कौन है जो गवर्नमेंट को किसानों के भलाई में ऐसे सुझाव देता है. गवर्नमेंट कभी कृषि कानून ले आती है कभी नलकूपों पर मीटर लगवाती है. इससे किसान का भला नहीं किसान का हानि है. नरेश टिकैत ने मुख्यमंत्री योगी के काम की प्रशंसा करते हुए बोला वो अच्छा काम कर रहे हैं मगर ये सुझाव पता नहीं गवर्नमेंट को कौन देता है.

हमें नहीं चाहिए गवर्नमेंट की बिजली, मीटर भी रख लो

ऊर्जा भवन पर भाकियू की किसान पंचायत हुई. पंचायत में आसपास के जिलों से किसान मीटर लेकर ऊर्जा भवन पहुंचे. किसानों ने मीटर उतारकर बिजली विभाग को सौंपते हुए साफ कहा, किसान बिजली का बिल नहीं भर सकता. बिल भरने के लिए जमीन बेच दे क्या, हमें गवर्नमेंट की महंगी बिजली नहीं चाहिए, इसलिए ये मीटर भी रखो.

धरनास्थल पर ही चढ़ी भट्‌टी बन रहा खाना

ऊर्जा भवन पर दो दिनों से किसान मजदूर संगठन के बैनर तले काफी संख्या में किसान धरना दे रहे हैं. किसानों ने यहीं भट्‌टी चढ़ा ली है जिसमें रोटी से लेकर पूड़ी सब्जी बन रही है. हालांकि जिला प्रशासन ने किसानों के लिए स्वच्छ पानी के टैंकर लगाए हैं. किसानों ने बोला गवर्नमेंट किसान भलाई में काम नहीं कर रही है. नलकूपों पर मीटर किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे.

यहीं पावर एमडी के कार्यालय में भर देंगे मीटर
किसानों ने बोला यदि गवर्नमेंट ने किसानों की सुनवाई नहीं की तो हम भी उग्र हो जाएंगे. बोला किसान हिंसा का साथ नहीं देते, इसलिए बिजली के मीटरों से पावर एमडी का कार्यालय भर देंगे. गवर्नमेंट अपने मीटर रख ले और बिजली भी रख ले. विद्युत विभाग के ऑफिसरों ने भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत की नेतृत्व वाले किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की और उनकी मांगों को सुना. ऑफिसरों ने किसानों की समस्याओं का हल कराने का आश्वासन दिया