काम्प्लेक्स में बेसमेंट बनाकर दवा का बना लिया गोदाम

काम्प्लेक्स में बेसमेंट बनाकर दवा का बना लिया गोदाम

अवैध ईमारत का ताजा मामला रिकाबगंज के बल्लाहाता में सामने आया हैl

अयोध्या सिटी के बहुत वीआईपी क्षेत्र माने जाने वाले रिकाबगंज और नियाँवा रोड पर देखते ही देखते दर्जनों मल्टी स्टोरी बिल्डिंग दिखने लगी हैंl इनमें से कुछ की वैधता पर उंगलियां उठने लगी हैंl उत्तरदायी अधिकारी कार्य की व्यस्तता बताकर मामला टाल रहे हैंl

रिकाबगंज बल्ला हाता निवासी प्रेम कुमार सोनी ने उसी क्षेत्र के एक आवासीय मकान की प्राधिकरण के जूनियर इंजीनियर प्रमोद कुमार शर्मा से कम्पलेन कीl बोला गया कि जिसे आवसीय भवन व्यवासायिक काम्प्लेक्स में बदल दिया गया हैl इतना ही नही 4 माह पहले बिना प्राधिकरण को जानकारी दिए काम्प्लेक्स में बेसमेंट बनाकर दवा का गोदाम बना लिया गया है.जबकि नियमानुसार किसी भी भवन में बेसमेंट भवन निर्माण के साथ ही बनता है.इतना ही नही बेसमेंट का इस्तेमाल व्यवसायिक भवनों में गोदाम के लिए नही पार्किंग के लिए किया जाना होता है. जिससे मुख्य मार्ग या गलियों के रास्ते का आवागमन प्रभावित न हो. लेकिन यहां तो मामला उल्टा ही हैl

गैर कानूनी निर्माण की कम्पलेन मुहल्ले के लोगो ने प्राधिकरण से की है"

संकरी गली में इस तरह गैर कानूनी निर्माण की कम्पलेन मुहल्ले के लोगो ने प्राधिकरण से की है

जेई कहे ईमारत बन रही थी तब कम्पलेन क्यों नहीं की

विकास प्राधिकरण के जूनियर इंजीनियर प्रमोद शर्मा का बोलना है कि इस कि हम जांच में गए थे पर आरोपी ने 1995 में नक्शा पास होने की बात कहते हुए प्राधिकरण ऑफिस में खोज जाने की बात बोली और वह नक्शा ऑफिस में खोजने चले आये.इतने उत्तरदायी पद पर रहते हुए उनका जबाब होता है कि जब भवन बन रहा था तब क्यों नही कम्पलेन की गईं.ऐसे देखने लगेंगे तो पूरा शहर ही जमीदोंज हो जाएगा.

मतलब की यह कोई भी आदमी किसी भी परेशानी की कम्पलेन उनसे बाद में नही कर सकता.देखना यह है कि प्राधिकरण को लाखों के राजस्व का हानि पहुंचाने और शहर की सुंदरता को दागदार बनाने वालों के विरूद्ध प्राधिकरण क्या कार्यवाही करता है. गैर कानूनी इमारतों की समाचार अथॉरटी के उत्तरदायी ऑफिसरों के पास नहीं पहुंच रही है.