इन दो अंतर्राष्ट्रीय महिला तीरंदाजों को शक होने की वजह से भेज दिया गया एकांतवास में, जाने खबर

इन दो अंतर्राष्ट्रीय महिला तीरंदाजों को शक होने की वजह से भेज दिया गया एकांतवास में, जाने खबर

आर्मी स्पोट्र्स इंस्टीट्यूट (एएसआई) पुणे में टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों के लिए चल रहे कैंप में दो अंतर्राष्ट्रीय महिला तीरंदाजों को शक होने एकांतवास में भेज दिया गया है.

 गुजरात से लौटी एक तीरंदाज को बुखार व खांसी हो गई थी, जिसके चलते उसे होटल के कमरे में कैद कर दिया गया. दूसरी तीरंदाज को कमरे में उसकी साथी होने के चलते अलग रखा गया है.

दरअसल आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से 24 व 25 मार्च को ओलंपिक के ट्रायल कराए जा रहे हैं. इस ट्रायल में इन दोनों को खेलना है, लेकिन दोनों को ट्रायल में खेलने से इन्कार कर दिया गया है. यह ट्रायल खेल मंत्रालय की ओर से किसी भी टूर्नामेंट या खेल आयोजन की मनाही केक बावजूद कराए जा रहे हैं.

पुणे कैंप में दीपिका कुमारी, अतानु दास, तरुणदीप राय, बोंबाइला देवी समेत 24 तीरंदाज शामिल हैं. इनमें से आधे तीरंदाज एएसआई कैंपल में नहीं बल्कि बाहर होटल में रह रहे हैं. जिन तीरंदाजों को एकांतवास में रखा गया है. वे दोनों होटल में हैं. एएआई के सेक्रेटरी जनरल प्रमोद चंद्रूकर ने अमर उजाला से खुलासा किया कि गुजरात से लौटी तीरंदाज को कैंप में बुखार हुआ व खांसी आई.

इसके बाद सेना के चिकित्सक ने इस तीरंदाज को एकांतवास में भेज दिया. साथ ही उसकी कमरे की साथी को भी एकांतवास में भेज दिया गया. चंद्रूकर का बोलना है कि अभी तक ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं. अगर चिकित्सक इन दोनों तीरंदाजों को ट्रायल में खेलने की अनुमति नहीं देते हैं तो दोनों को नहीं खेलने दिया जाएगा.

वहीं एकांतवास में उपस्थित दक्षिण एशियाई खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट हरियाणा की तीरंदाज ने अमर उजाला से बोला कि उन्हें एकांतवास में भेजे चार दिन हो गए हैं. उनका न तो कोई खून का सैपल लिया गया है व न ही कुछ बताया गया है. बावजूद इसके ट्रायल में नहीं खेलने दिया जा रहा है. उन्हें किसी तरह की स्थिति से भी नहीं अवगत कराया जा रहा है.

ट्रायल के आयोजन की मिल रखी है अनुमति
खास बात यह है कि जब एएआई के एक पदाधिकारी से पूछा गया कि खेल मंत्री की एडवाइजरी के विरूद्ध ट्रायल कैसे कराए जा रहे हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि इसके लिए विशेष अनुमति ली गई है. खेल मंत्री किरन रिजीजू ने गुरुवार को ही साफ किया था कि 15 अप्रैल तक ट्रायल समेत किसी भी खेल आयोजन की अनुमति नहीं होगी. बावजूद इसके ट्रायल