टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने जाने क्यो छोड़ी थी पढ़ाई

टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने जाने क्यो छोड़ी थी पढ़ाई

 टीम इंडिया (Team India) के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या (Happy Birthday Hardik Pandya) अपने खेल के साथ- साथ अपने अलग अंदाज व स्‍टाइल के लिए भी जाने जाते हैं।

 रविवार को अपना 27वां जन्‍मदिन मना रहे पंड्या ने क्रिकेट के लिए पढ़ाई तक छोड़ दी थी। क्रिकेट को लेकर उनका पैशन ही था, जो मैगी खाकर भी मैदान पर पूरी ताकत लगा देते थे। 11 अक्‍टूबर 1993 को गुजरात के सूरत में जन्‍में पंड्या के पिता हिमांशु पंड्या (Himanshu Pandya) फाइनेंस के क्षेत्र में थे।

हालांकि कुछ समय बाद उनके पिता अपना कार्य बंद करके बड़ौदा जाने को विवश हो गए। उस समय पंड्या महज पांच वर्ष के थे। बड़ौद में पंड्या का परिवार किराए के मकान में रहता था। हार्दिक के पिता को क्रिकेट बहुत ज्यादा पसंद था। वह हमेशा अपने दोनों बेटों को साथ में मैच दिखाते थे तो कई बार मैच के लिए स्टेडियम भी ले जाते थे।

नौंवी क्‍लास में हो गए थे फेल
आर्थिक तंगी के बावजूद पिता ने अपने दोनों बेटों हार्दिक व क्रुणाल को किरण मोरे (Kiren More) की एकेडमी में दाखिला दिलाया। हार्दिक पंड्या नौवीं क्लास में फेल हो गए थे। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह से क्रिकेट पर फोकस करने के लिए पढ़ाई छोड़ दी। जब हार्दिक पंड्या 17 वर्ष के थे तब उनके पास खुद की क्रिकेट किट भी नहीं थी। दोनों भाइयों ने करीब सालभर तक बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन से क्रिकेट किट लेकर कार्य चलाया।
मैगी खाकर चलाया काम
हार्दिक पंड्या ने एक साक्षात्कार में बताया था कि जब वह अंडर-19 टीम में थे उस वक्त सुबह-शाम वह पैसों की कमी के कारण केवल मैगी खाकर कार्य चलाते थे। उस समय उनके परिवार के लिए दो वक्त के खाने का बंदोवस्त करना भी कठिन था। मुंबई इंडियंस की ओर से आईपीएल खेलने का मौका मिलने के बाद उनका यह प्रयत्न खत्‍म हुआ।

हार्दिक ने वर्ष 2016 में ऑस्ट्रेलिया के विरूद्ध टी20 डेब्यू किया था। इसके बाद उसी वर्ष उन्हें वनडे टीम में भी मौका मिल गया। भारतीय टीम ने उन्हें अगले ही वर्ष श्रीलंका के विरूद्ध टेस्ट टीम में भी मौका दिया जिसका उन्होंने बखूबी लाभ उठाया। इसी वर्ष हार्दिक पंड्या बेटे के पिता भी बने हैं।