साउथ अफ्रीकाई टीम के सीमित ओवरों के कैप्टन क्विंटन डिकॉक को वर्चुअल अवॉर्ड्स सेरेमनी ने इस खिताब से नवाजा

 साउथ अफ्रीकाई टीम के सीमित ओवरों के कैप्टन क्विंटन डिकॉक को वर्चुअल अवॉर्ड्स सेरेमनी ने इस खिताब से नवाजा

 साउथ अफ्रीकाई टीम के सीमित ओवरों के कैप्टन क्विंटन डिकॉक को क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) की ओर से वर्ष का सबसे बड़ा अवॉर्ड मिला है. वर्चुअल अवॉर्ड्स सेरेमनी ने क्विंटन डिकॉक को मेंस क्रिकेट ऑफ द ईयर के खिताब से नवाजा गया है.

 कोरोना वायरस की वजह से इस बार समारोह का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुए, जिसमें विकेटकीपर बल्लेबाज डिकॉक को टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर भी चुना गया है.

27 वर्ष के क्विंटन डिकॉक जहां सीएसके सालाना समारोह में वर्ष के टॉप मेंस क्रिकेटर रहे हैं, जबकि महिला टीम से बाजी युवा ओपनर लौरा वोलवार्ड ने मारी है. वोलवार्ड को वुमेंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर के अतिरिक्त WODI क्रिकेटर ऑफ द ईयर के अवॉर्ड से भी नवाजा गया है. तेज गेंदबाज लुंगी नगिडी को ODI व T20I प्लेयर चुना गया है, जबकि डेविड मिलकर फैंस(Fan's) फेवरिट प्लेयर के अवॉर्ड से नवाजे गए हैं.

भारत के विरूद्ध टेस्ट डेब्यू करने वाले व इंग्लैंड के विरूद्ध फाइव विकेट हॉल लेने वाले तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्खिया को इंटरनेशनल मेंस न्यूकमर ऑफ द ईयर का खिताब मिला है. वहीं, शबनिम इस्माइल को वुमेंस टी20 प्लेयर ऑफ द ईयर के खिताब से नवाजा गया है, जबकि लेफ्ट आर्म स्पिनर Nonkululeko Mlaba को नॉर्खिया की तरह इंटरनेशनल वुमेंस न्यूकमर ऑफ द ईयर के खिताब से सुशोभित किया गया है.

बता दें कि दूसरी बार क्विंटन डिकॉक को मेंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर साउथ अफ्रीकाई क्रिकेट बोर्ड ने चुना है. 2017 में भी उनको ये अवॉर्ड मिल चुका है. शनिवार को ये अवॉर्ड जीतने के साथ वे साउथ अफ्रीका के उन महान खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जिनको ये अवॉर्ड दो-दो बार मिला था. डिकॉक अब जैक कैलिस (2004 व 2011), मखाया एनटिनी (2005 व 2006), हाशिम अमला (2010 व 2013), एबी डिविलियर्स (2014 व 2015) व कगिसो रबाडा (2016 व 2018) वाली कैटेगरी में शामिल हो गए हैं.

अवॉर्ड्स सेरेमनी के दौरान सीएसए के एक्टिंग सीईओ जैक फॉल ने बोला है, "क्विंटन डिकॉक टेस्ट क्रिकेट में अग्रणी विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं व वास्तव में लाल गेंद व सफेद गेंद क्रिकेट दोनों में प्रमुख बल्लेबाजों में से एक है. वह एक उत्कृष्ट कैप्टन के रूप में भी उभरने लगे हैं." दूसरी ओर वोलवार्ड 21 वर्ष व दो महीने में दक्षिण अफ्रीका की शीर्ष महिला पुरस्कार की सबसे कम आयु की विजेता बन गईं.