श्रेयस अय्यर व ऋषभ पंत ने मिडिल ऑर्डर में शतकीय साझेदारी की

श्रेयस अय्यर व ऋषभ पंत ने मिडिल ऑर्डर में शतकीय साझेदारी की

चेपॉक स्टेडियम में खेले गए पहले वनडे मैच में टीम इंडिया को पराजय जरूर मिली लेकिन उसके लिए सबसे अहम बात रही कि विकेटकीपर ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने रनों का सूखा समाप्त किया व 71 रनों की अहम पारी खेली। ऋषभ पंत ने वेस्टइंडीज के विरूद्ध 69 गेंदों में 71 रन बनाए, जिसमें उनके बल्ले से 7 चौके व एक छक्का निकला। ये पंत का पहला वनडे अर्धशतक था व बड़ी बात ये है कि इस पारी के दौरान उन्हें दर्शकों का भरपूर समर्थन मिला। चेन्नई के स्टेडियम में फैंस ने धोनी-धोनी के नारे लगाने के बजाए पंत के समर्थन में नारेबाजी की। दर्शकों का साथ मिलने पर पंत बेहद खुश दिखे व उन्होंने बोला कि हर खिलाड़ी के लिए स्टेडियम में बैठे दर्शकों का समर्थन महत्वपूर्ण होता है।
ऋषभ पंत ने खेली 71 रनों की पारी

धोनी-धोनी के नारों पर पहली बार कहे पंत
अकसर मैदानों पर पंत का स्वागत ‘धोनी, धोनी’ की गूंज के साथ होता है लेकिन चेन्नई में ऐसा नहीं। इस पर उन्होंने कहा, 'कई बार दर्शकों का समर्थन महत्वपूर्ण होता है। मैं अपनी ओर से पूरी प्रयास कर रहा हूं कि प्रदर्शन में सुधार हो सके। ' उन्होंने कहा, 'मैं सीख रहा हूं। टीम की जीत के लिये मैं जो कुछ कर सकता हूं, उस पर फोकस करूंगा। आखिर में मैने रन बनाये। '

'आलोचना की परवाह नहीं'
पंत (Rishabh Pant) ने बोला कि वो आलोचना की परवाह के बिना अपने खेल पर ध्यान लगा रहे हैं। पहले वनडे में 71 रन बनाने वाले पंत ने कहा। 'मैं प्रक्रिया पर फोकस करना चाहता हूं। कई बार आपके बारे में अच्छा बोला जाता है व कई बार नहीं। मैं पूरा ध्यान अपने खेल पर लगा रहा हूं। ' लगातार आलोचना के बीच प्रेरणा के बारे में पूछने पर पंत ने बोला कि उन्होंने खुद पर भरोसा कभी नहीं छोड़ा था।
श्रेयस अय्यर व ऋषभ पंत ने मिडिल ऑर्डर में शतकीय साझेदारी की।

इंटरनेशनल क्रिकेट में स्वाभाविक खेल जैसा कुछ नहीं
अक्सर अपना विकेट गैर जिम्मेदाराना ढंग से गंवा देने के आरोप झेलने वाले ऋषभ पंत (Rishabh Pant)  ने बोला कि उन्हें अब समझ में आ गया है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में ‘स्वाभाविक खेल’ दिखाने जैसा कुछ नहीं होता व दशा के अनुरूप खेलना अहम होता है। मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा, 'मैं इतना समझ गया हूं कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में स्वाभाविक खेल जैसा कुछ नहीं। इसमें टीम की आवश्यकता या दशा के अनुरूप खेलना होता है। (पीटीआई के इनपुट के साथ)