फिलिप डेफ्रिटास ने नस्लवाद का मामला उठाते हुए बोल डाली ये बड़ी बात, जाने

फिलिप डेफ्रिटास ने नस्लवाद का मामला उठाते हुए बोल डाली ये बड़ी बात, जाने

इस समय पूरी संसार में जॉर्ज फ्लॉयड की मृत्यु के कारण नस्‍लवाद का मामला गर्माया हुआ है। पुलिस हिरासत में हुई अश्‍वेत व्‍यक्ति फ्लॉयड की मृत्यु का अमेरिका सहित संसार के ज्‍यादातर कोनों में विरोध हो रहा है।

इसके बाद नस्‍लवाद पर भी बहुत ज्यादा बहस हो रही है। खेल जगत में भी यह मामला छाया है। इंग्लैंड के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी फिलिप डेफ्रिटास (phillip defreitas) ने नस्लवाद का मामला उठाते हुए बोला कि जब वह क्रिकेट में सक्रिय थे, तब उन्हें धमकी मिली थी, उन्‍हें धमकी मिली कि अगर उन्‍होंने इंग्लैंड का अगुवाई किया तो गोली मार दी जाएगी।

इंग्लैंड के लिए 44 टेस्ट में 140 व 103 एकदिवसीय में 115 विकेट लेने वाले 54 वर्ष के डेफ्रिटास ने बोला कि उन्हें कई बार ऐसी धमकी मिली, जिससे उनका अंतर्राष्ट्रीय करियर प्रभावित हुआ। डेफ्रिटास ने स्काई क्रिकेट पोडकास्ट से बोला कि मुझे नेशनल फ्रंट का धमकी भरा लेटर मिला, जिसमें लिखा था कि अगर मैं इंग्लैंड के लिए खेलूंगा तो गोली मार दी जाएगी। यह एक बार नहीं बल्कि दो या तीन ऐसा बार हुआ।

कार पर से हटाना पड़ा नाम
उन्होंने बोला कि पुलिस मेरे घर की देखभाल कर रही थी। उस समय मेरे पास मेरे नाम के साथ एक प्रायोजित कार थी व मुझे अपने नाम को उस पर से हटाना पड़ा। मैं लॉर्ड्स में टेस्ट मैच से दो दिन पहले होटल में सोच रहा था कि खेलूं या नहीं? क्या वहां कोई बंदूक के साथ होगा। उन्होंने बोला कि ऐसे में मैं पूरी प्रतिबद्धता के साथ इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेलने पर कैसे ध्यान दे सकता था, मैं उन लागों को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहता था। इंग्लैंड के लिए 1986 से 1997 तक खेलने वाले डेफ्रिटास ने बोला कि उन्हें किसी तरह का समर्थन नहीं मिला व उन्हें अपना बचाव खुद करना पड़ा।

उन्होंने बोला कि मुझे कही से मदद नहीं मिली, कोई समर्थन नहीं मिला। मुझे खुद ही इसका सामना करना था, इससे बहुत ज्यादा दुख होता है। मुझे याद है जब मैं अपनी मां के पास जाता था तब कहता था कि ऐसा नहीं लगता कि मैं वहां का हूं, लेकिन मुझे अपनी उपलब्धियों पर गर्व है। अमेरिका में श्वेत पुलिसकर्मी की बेरहमी से अफ्रीकी-अमेरिकी मूल के जॉर्ज फ्लॉयड की मृत्यु के बाद से संसार भर में नस्लवाद का मामला उठ रहा है। कई क्रिकेटरों ने भी नस्लीय भेदभाव की शिकायत की है।