भारत का प्राचीन फुटबॉल क्लब मोहन बागान संसार भर में छाया, जाने खबर

भारत का प्राचीन फुटबॉल क्लब मोहन बागान संसार भर में छाया, जाने खबर

भारत का प्राचीन फुटबॉल क्लब मोहन बागान बुधवार को संसार भर में छा गया, जब वह न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वायर पर नैस्डेक बिलबोर्ड पर आने वाला देश का पहला क्लब बना. यह 'मोहन बागान दिवस' के मौके पर हुआ, जो हर वर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है. 

टीम ने 1911 में इसी दिन ईस्ट यॉर्कशर रेजीमेंट को हराकर प्रसिद्ध आईएफए शील्ड खिताबी जीता था जिससे यह दिन क्लब के लिए बेहद खास बन गया. मोहन बागान 2-1 से मिली जीत से टूर्नामेंट में ब्रिटिश दबदबे को समाप्त करने वाला पहला भारतीय क्लब बना था.

इस क्लब की स्थापना 1889 में हुई थी व 131 वर्ष पुराने क्लब के संसार भर में समर्थकों की कोई कमी नहीं है, लेकिन अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज का इसके प्रतीक चिन्ह व इसके महरून रंग को अपने बिलबोर्ड पर लगाना बहुत ज्यादा विशेष महत्व रखता है.

मोहन बागान के शीर्ष ऑफिसर देबाशीष दत्ता ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''मोहन बागान के सभी प्रशंसकों व समर्थकों के लिए यह बहुत गर्व की बात है. इससे क्लब के कद का पता चलता है. भारतीय खेलों में कोई भी क्लब इस तरह के मुकाम पर नहीं पहुंचा, इसलिए यह बहुत ही महत्व रखता है जो बहुत अलग है.''

विश्व फुटबॉल संचालन संस्था फीफा ने भी मोहन बागान के नैस्डैक पर आने की तारीफ की. फीफा ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, ''जब आप न्यूयार्क टाइम्स स्क्वायर के बिलबोर्ड पर चमचमाते हैं तो आप जानते हो कि आप महज एक क्लब से ज्यादा अधिक महत्व रखते हो.''

फीफा ने लिखा, ''दुनिया के सबसे ज्यादा जुनूनी समर्थकों के क्लबों में से एक को हैपी मोहन बागान दिवस 2020.''  क्लब ने पहले ट्विटर हैंडल से लिखा है था, ''नैस्डेक की फोटो इस बात की तस्दीक है कि मोहन बागान एक अलग ही लीग में शामिल है. मोहन बागान के लिए बहुत ज्यादा बड़ा दिन. हैप्पी मोहन बागान डे मैराइनर्स.''