पहले भी कई खिलाड़ियों ने एनसीए से बनाई थी दूरी

पहले भी कई खिलाड़ियों ने एनसीए से बनाई थी दूरी

हिंदुस्तान के स्‍टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) लंबे समय से चोट जूझ रहे हैं व वह मैदान पर जल्दी वापसी करने के लिए जी जान से तैयारी कर रहे हैं। चोट से जल्दी उबरने के लिए वह ट्रेनर की भी मदद ले रहे हैं, लेकिन अब उनके ट्रेनर पर जमकर बवाल हो गया है। इस बवाल ने नेशनल क्रिकेट एकेडमी पर भी सवाल उठा दिए हैं। साथ ही बीसीसीआई (BCCI) के कोच चुने जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल रिहैब के लिए बुमराह ने एनसीए (NCA) को न चुनकर दिल्ली कैपिटल्स के ट्रेनर रजनीकांत‌ ‌शिवागनानम (Rajnikanth Sivagnanam) को चुना है। वहीं रजीनकांत जिन्होंने अगस्त में टीम इंडिया (Team India) के स्ट्रैंथ एंड कंडिशनिंग कोच के पद के लिए आवेदन किया था, लेकिनी सीओए ने उन्हें न चुनकर निक वेब को टीम इंडिया के स्ट्रैंथ एंड कंडिशनिंग कोच के लिए चुना गया।

रजनीकांत के लिए प्रक्रिया मुश्किल
की समाचार के अनुसार बीसीसीआई (BCCI) के एक ऑफिसर ने बोला कि इस पद के लिए किसी व की तुलना में रजनी‌कांत की प्रक्रिया बहुत ज्यादा मुश्किल थी। इस पद के लिए उनका एग्जाम भी लिया गया। बीसीसीआई ऑफिसर ने रजनीकांत को इस पद के लिए ठीक न ठहराए जाने पर पूरी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए व उनका यह भी मानना है कि इस नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया को फिर से देखने की आवश्यकता है।
जसप्रीत बुमराह टीम इंडिया के लिए पिछली टेस्ट सीरीज वेस्टइंडीज के विरूद्ध खेले थे। 



बुमराह को लेकर टीम मैनेजमेंट नहीं लेना चाहती कोई खतरा
बुमराह टीम इंडिया   (Team India) का अहम भाग है व एक सूत्र ने बताया कि बुमराह के कमर के निचले हिस्से के स्ट्रेस फ्रेक्चर को लेकर टीम मैनेजमेंट कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहती व इसी वजह से उन्हें यूके भेजा गया था। सूत्रों ने बोला कि अगले वर्ष हिंदुस्तान को न्यूजीलैंड का अहम दौरा करना है व योजनाओं में वह टीम का अहम भाग है। इसीलिए टीम मैनेजमेंट उनका इंतजार करने में खुश थी व वह बुमराह को न्यूजीलैंड दौरे पर बेस्‍ट देखना चाहते हैं।

पहले भी कई खिलाड़ियों ने एनसीए से बनाई थी दूरी

हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि जब किसी खिलाड़ी ने रिहैब के लिए एनसीए जाना उचित नहीं समझा। दरअसल बीते दिनों में एनसीए पर सवाल भी उठे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो वहां खिलाड़ी की चोट ठीक होने से ज्‍यादा बिगड़ ही जाती है। भारतीय टेस्ट विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा इसका जीता जागता उदाहरण है। जिनके लिए समाचार आई थी कि एनसीए में उनकी चोट बिगड़ गई थी। वहीं हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) भी अपनी चोट के लिए एनसीए नहीं गए थे।
हार्दिक पंड्या की हाल ही में इंग्लैंड में कमर के निचले हिस्से की सर्जरी हुई है।


उम्र के कारण एनसीए के पास नहीं है अनुभवी ट्रेनर
खिला‌ड़ियों का एनसीए ट्रेनर  की बजाय किसी व ट्रेनर पर विश्वास जताने का मतलब है कि अब‌ खिला‌ड़ियाें का एनसीए ट्रेनर पर विश्वास नहीं रहा। जिसका एक बड़ा कारण अनुभवी ट्रेनर का न होना है। स्टेट टीम के एक ट्रेनर ने एनसीए (NCA) ट्रेनर की आयु पर सवाल उठाते हुए बोला कि यह निर्णय किसने लिया है एनसीए ट्रेनर की आयु 35 वर्ष से कम होनी चाहिए।
पिछली बार बीसीसीआई (BCCI) ने एकेडमी की स्‍ट्रैंथ एंड कंडीशनिंग कोच को लेकर जो एडवरटाईजमेंट दिया था, उसमे आयु 35 से कम मांगी गई थी। ट्रेनर ने बोला कि हम कई वर्ष तक घरेलू टीम के साथ ट्रेनिंग करते हैं व जब हमारे पास अनुभव आता है तो ये कह दिया जाता है कि आयु अधिक हो गई है। उन्होंने यह भी बोला कि पिछली बार 2011 में जब टीम इंडिया (Team India) ने वर्ल्ड कप जीता था व उस समय टीम के ट्रेनर रहे रामजी श्रीनिवासन की आयु 42 वर्ष थी। उन्होंने बोला कि अब यह सब मजाक बन रहा है व हाल के समय में चोटिल खिलाड़ियों की संख्या सब कुछ साबित कर रही है।