कमेंट्री के चलते कोच नहीं बनेंगे बांगर, जाने यह बड़ी खबर

कमेंट्री के चलते कोच नहीं बनेंगे बांगर, जाने यह बड़ी खबर

भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगर (Sanjay Bangar) ने व्यक्तिगत व पेशेवर प्रतिबद्धताओं के कारण बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) का टेस्ट टीम का सलाहकार बनने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं करने का निर्णय किया है।

 बीसीबी ने आठ हफ्ते पहले बांगर के सामने टेस्ट क्रिकेट में बांग्लादेश के बल्लेबाजों को कोचिंग देने का प्रस्ताव रखा था लेकिन वह इसे स्वीकार नहीं कर सकते क्योंकि उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स के साथ दो वर्ष का अनुबंध किया है।

कमेंट्री के चलते कोच नहीं बनेंगे बांगर!
बांगड़ (Sanjay Bangar) ने पीटीआई से कहा, 'उन्होंने आठ हफ्ते पहले मेरे सामने प्रस्ताव रखा था, लेकिन मैंने स्टार के साथ अपने अनुबंध को अंतिम रूप दे दिया है जिससे मुझे अपनी व्यक्तिगत व पेशेवर प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बिठाने का मौका मिलेगा। हालांकि मैं भविष्य में बीसीबी के साथ कार्य करने के लिये तैयार हूं। ' दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर नील मैकेंजी इस समय सीमित ओवरों के क्रिकेट में बांग्लादेश के बल्लेबाजी सलाहकार हैं।

बांगर (Sanjay Bangar) 2014 से 2019 तक भारतीय टीम के साथ जुड़े रहे। सितंबर में घरेलू सत्र प्रारम्भ होने के बाद उनकी स्थान विक्रम राठौड़ ने ली। दुनिया कप के बाद वेस्टइंडीज का दौरा भारतीय टीम के साथ उनकी आखिरी श्रृंखला थी।  इसके बाद से बांगड़ कमेंट्री में व्यस्त हैं। उन्होंने हिंदुस्तान की तरफ से 2001 से 2004 तक 12 टेस्ट व 15 वनडे खेले थे।

बांग्लादेश क्यों चाहता था बांगर को टेस्ट सलाहकार?
बतौर कोच संजय बांगर (Sanjay Bangar) का जबर्दस्त प्रदर्शन ने बांग्लादेश का ध्यान उनकी ओर खींचा था। बता दें संजय बांगर को कोचिंग के क्षेत्र में गजब का अनुभव है। संजय बांगर वर्ष 2014 से 2019 तक टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच रहे। उनकी कोचिंग में विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन जैसे खिलाड़ियों ने अपने करियर की सबसे अच्छी बल्लेबाजी की।  संजय बांगर ने भारतीय कैप्टन विराट कोहली समेत कई बल्लेबाजों के प्रदर्शन में सुधार कराया। ये बात खुद विराट कोहली कह चुके हैं। बड़ी बात ये है कि बांगर के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम के बल्लेबाजों ने कई रिकॉर्ड बनाए। उनके कार्यकाल में भारतीय बल्लेबाजों ने 100 से ज्यादा शतक ठोके। साथ ही टीम इंडिया ने 30 टेस्ट व 82 वनडे मैचों में जीत हासिल की।