इन कारणों से रोता हैं आपका नन्हा शिशु...

इन कारणों से रोता हैं आपका नन्हा शिशु...

छोटे बच्चे बोल नहीं सकते लेकिन इशारों से अपनी परेशानियों को बताने की प्रयास जरूर करतें हैं. आपको समझना होगा कि आपका नन्हा शिशु आपसे क्या बोलना चाह रहा है? बच्चे कई तरह के इशारे करते हैं जैसे अंगूठें या कलाई का चूसना या फिर पैर पटकना, हिचकी लेना. इन इशारों को समझने की आवश्यकता है तभी आप बच्चे की कठिनाई को दूर कर पाएंगी.तो आइए जानते हैं कि वो कौन से इशारें हैं जो बच्चे अक्सर अपनी परेशानियों को बताने के लिए करते हैं.

बच्चे का रोना बच्चे के रोने कई कारण हो सकते हैं, इसमें भूख लगने से लेकर भय लगने या फिर कहीं दर्द होना. इन सब वजह से रोते समय बच्चा भिन्न भिन्न इशारे करता है. जैसे अगर बच्चे को भूख लगी है तो फिर वो आंखों को खोलकर रोता है वहीं अगर उसे भय लग रहा है तो फिर वह अपनी आंखों को बंद करके रोता है. इसलिए बच्चे की कठिनाई को समझकर तुरंत उसके इलाज की व्यवस्था करनी चाहिए.

घुटनों को पेट से सटाकर सोना कई बार बच्चे अपने पैरों या फिर अपने घुटनों को पेट से लगाकर सोते हैं. बच्चों का इस तरह सोना उसके पाचन संबंधी गड़बड़ी की ओर संकेत करता है.ऐसी स्थिति में उसे कब्ज या पेट दर्द की शिकायत हो सकती हैं. इसलिए महत्वपूर्ण है कि आप इस बात का ध्यान रखें कि दूध पीने के बाद बच्चे को कोई कठिनाई तो नहीं हो रही है. अगर बच्चा स्तनपान करता है तो मां को अपने खान पान का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है.

तेजी से सांस लेना कभी आपने ध्यान दिया होगा कि आपका बच्चा बहुत तेजी से सांस ले रहा होता है. ऐसा वो दो कारणों से करता है या तो वो बहुत खुश है या फिर उसे भय लग रहा है.इसलिए इस स्थिति में उसे अपने पास लेकर उसके साथ खेलें या फिर उसको शांत करने की प्रयास करें.

कान खींचना बच्चे अक्सर अपने चेहरे के ऊपर हाथ पैर मारते रहते हैं इसकी वजह है चेहरे पर उनके हाथ का सुलभता से पहुंचना. लेकिन कभी कभी नवजात के कान खीचनें की वजह कान में कठिनाई का कारण भी होने कि सम्भावना है.

हवा में हाथ पैर का मारना बच्चे जब बहुत खुश होते हैं तो हवा में हाथ पैर मारते हैं व इस तरह से करने से उनके हाथों पैरों की मांसपेशियों के विकास में मदद मिलती है. लेकिन कभी कभी बच्चा अपनी कठिनाई को बताने के लिए भी ऐसा करता है. इसलिए जब कभी बच्चा बहुत देर तक पैर हाथ हवा में किए रहें तो देख लें कि कहीं उसका डायपर गीला तो नहीं हो गया है या फिर उसके नैपी को बदलने की आवश्यकता तो नहीं है.

आंखों को मलना जब बच्चे को नींद लगती हैं तो उस समय वो अपने आंखों को रगड़ता है लेकिन ध्यान रखें कि अगर बच्चा सो कर उठने के बाद भी आंखों को रगड़ रहा है तो होने कि सम्भावना है संक्रमण की वजह या फिर आंख में कुछ चले जाने से वो ऐसा कर रहा हो.