आप भी जान लीजिये पीने के पानी से जुड़ी यह बातें

आप भी जान लीजिये पीने के पानी से जुड़ी यह बातें

पानी यह हम सभी का जीवन है । कोई भी व्यक्ति प्राणी खाना खाये बिना फी भी ज्यादा समय तक जीवन जी सकता है , पर पनि के बिना जीवन संभव ही नही है । जिस तरह से गर्मी पड़ रही है उस हिसाब से तो सिर्फ पानी ही हमारा जीवन बचा सकता है । आज हम आपको पानी से जुड़ी कुछ खास बातों में जानकारी देने जा रहे हैं जिसको जान कर आप अपनी पीने के पानी को ले का और भी सजग हो जाएँगे । आइये जानते हैं इस बारे में ।


एनजीटी के निर्देश पर नैशनल एन्वॉयरनमेंट इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट सेंट्रल पलूशन कंट्रोल बोर्ड और IIT-Delhi ने RO के इस्तेमाल पर एक रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी को सौंपी । जिस रिपोर्ट के आधार पर एनजीटी ने 28 मई को पर्यावरण मंत्रालय को जारी निर्देश में ये बताई :-
देश में 16 करोड़ 30 लाख लोग ऐसे हैं, जिन्हें पीने के लिए साफ पानी नहीं मिलता। यह संख्या पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है जो की भारत में है ।


विकसित देशों में भी RO का इस्तेमाल कम करने पर जोर दिया गया है । वहां समंदर के पानी को पीने लायक बनाने के लिए RO इस्तेमाल होता है क्योंकि इस पानी में TDS बहुत होता है। वहीं भारत में मौजूद पानी में टीडीएस की मात्रा कम होने के बावजूद RO की डिमांड दिन ब दिन बढ़ रही है जो की गलत है ।

घरों में सप्लाई होने वाले पानी में अगर TDS 500mg/लीटर से कम है तो RO को बैन कर देना चाहिए।

RO सिस्टम से पानी में मौजूद जरूरी मिनरल्स भी पूरी तरह निकल जाते हैं। विदेशों के लोगों में RO के चलते कैल्शियम और मैग्निशियम की कमी होने की शिकायत आने लगी है। इसलिए भारत में RO सिस्टम बनाने वाली कंपनियां यह ध्यान रखें कि पानी में कम से कम 150mg/लीटर टीडीएस जरूर मौजूद रहे ही रहे ।



RO से पानी साफ होने की प्रक्रिया में अमूमन 80 फीसदी पानी बर्बाद हो जाता है और 20 फीसदी ही पीने लायक मिलता है। RO कंपनियों को ऐसी मशीन बनाने के लिए कहा जाए, जिसके द्वारा कम से कम 60 फीसदी पानी पीने लायक बने और 40 फीसदी से ज्यादा पानी बर्बाद न हो। वहीं साफ पानी प्राप्त करने की क्षमता को आगे कम से कम 75 फीसदी तक बढ़ाई जाए।