प्याज की तरह दलहनों पर नहीं किया जाएगा यह काम

प्याज की तरह दलहनों पर नहीं किया जाएगा यह काम

केंद्रीय उपभोक्ता मुद्दे मंत्रालय में सचिव अविनाश श्रीवास्तव ने बोला कि सरकारी एजेंसियों के पास दलहनों का पर्याप्त भंडार है व इसकी कीमतों पर नियंत्रण को लेकर स्टॉक लिमिट लगाने की कोई जरूरत नहीं है. पिछले दिनों मीडिया की एक रिपोर्ट में दहलनों पर स्टॉक लिमिट लगाने की आसार जताई गई थी. इस विषय में श्रीवास्तव ने बोला कि सरकारी एजेंसियों के पास दलहनों का पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए कीमतों में वृद्धि को लेकर बहरहाल स्टॉक लिमिट लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है.

नहीं लगेगी स्टॉक लिमिट
उनसे पूछा गया कि क्या सरकार दाल की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए स्टॉक लिमिट लाएगी, इस पर उन्होंने कहा, "बिल्कुल नहीं लगाएंगे क्योंकि हमारे पास दाल का 16 लाख टन का बफर स्टॉक है व हमने राज्यों से पहले ही बोला है कि जिनको दाल की आवश्यकता है वे हमसे दाल ले सकते हैं."

दालों की कीमतों में तेजी
देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों में हुई भारी बारिश से फसल बेकार होने की रिपोर्ट के बाद उड़द, मूंग व चना के दाम में लगातार वृद्धि देखी जा रही है. कारोबारियों ने बताया कि त्योहारी मांग बढऩे से भी दलहन और दाल के दाम को सपोर्ट मिल रहा है.

इतने उत्पादन का अनुमान
फसल साल 2018-19 (जुलाई-जून) के चौथे अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार, बीते फसल साल में सभी दलहनों का कुल उत्पादन 234.8 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि कारोबारी बताते हैं कि देश में दलहनों की कुल खपत करीब 240 लाख टन है. यही नहीं, चालू फसल साल 2019-20 के पहले अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार, इस वर्ष खरीफ दलहनों का उत्पादन 82.3 लाख टन रह सकता है जबकि पिछले वर्ष के पहले अग्रिम उत्पादन अनुमान में यह आंकड़ा 92.2 लाख टन था.