राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान के दौरान भारत के इस नेता ने बताई अपनी यह ख़ास बातें

राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान के दौरान भारत के इस नेता ने  बताई अपनी यह ख़ास बातें

फ्रांस से भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए पहला राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) रिसीव करने के बाद रक्षामंत्री ने इसमें उड़ान भरी। इस खास उड़ान के अनुभव को उन्होंने मीडिया से साझा किया। ने कहा, 'कैप्टन फिन के साथ मैंने राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) में उड़ान भरी। बहुत ज्यादा कंफर्ट उड़ान रही।

इन्होंने (कैप्टन फिन) ने मुझे सुपरसोनिक की स्पीड से राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) में यात्रा कराई। सुपरसोनिक की स्पीड से उड़ान भरने के बारे में मैंने अपने ज़िंदगी में कभी नहीं सोचा था, यह मेरे ज़िंदगी का अद्भूत पल रहा। राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) में उड़ान भरकर बहुत ज्यादा अच्छा लगा। ' इससे पहले रक्षामंत्री ने बोला कि हिंदुस्तान वायुसेना की ताकत किसी पर हमले के लिए नहीं बढ़ा रहा है। हम सेल्फ डिफेंस के लिए अपनी ताकत को बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ महीनों में 18 राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) हिंदुस्तान को मिल जाएंगे। अप्रैल 2022 तक हिंदुस्तान को डील के मुताबिक सभी 36 राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) मिल जाएंगे। रक्षामंत्री ने फ्रांस की भूमि से देशवासियों को वायुसेना के 87वां स्थापना दिवस व विजयादशमी की शुभकामनाएं दी। रक्षामंत्री ने बोला कि आज विजयादशमी है इसलिए उन्होंने शस्त्र के रूप में राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) की पूजा की।

करीब 35 मिनट की उड़ान भरने के बाद भूमि पर लौटे व सारे शान के साथ राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) से बाहर निकले। वह बहुत ज्यादा खुश दिख रहे थे। उनके चेहरे की मुस्कान बयां कर रही थी कि उन्हें राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) की उड़ान में बहुत ज्यादा आनंद आया। राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) से उतरते वक्त एयरपोर्ट के कर्मचारियों ने उन्हें सहारा देने के इरादे से अपना हाथ बढ़ाया, लेकिन हिंदुस्तान के रक्षामंत्री ने इन्कार कर दिया व खुद से एक मंजे हुए पायलट की तरह राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) से बाहर निकले।

रक्षामंत्री ने शस्त्र रूपी राफेल लड़ाकू विमान की विधि-विधान से पूजा की
रक्षामंत्री ने हिंदुस्तान के लिए पहला राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) लड़ाकू विमान फ्रांस से रिसीव किया। विजयादशमी पर राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) को रिसीव करने के बाद रक्षामंत्री ने सारे विधि-विधान से इसकी शस्त्र पूजा की। इसके बाद इसकी पहली उड़ान पर निकल पड़े। पूरी तरह से एक फाइटर पायलट की तरह ड्रेसअप होकर संसार के सबसे तेज-तर्रार फाइटर प्लेन राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) में सवार हो गए व आसमान में हवा से बातें की।

भारत ने दशहरा पर फ्रांस में पहला राफेल लड़ाकू विमान विमान प्राप्त किया
रक्षामंत्री राजनाथ सिह ने दशहरा के मौका पर मंगलवार को 36 राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) विमानों में से पहले विमान को औपचारिक रूप से प्राप्त कर लिया। लड़ाकू विमान राफेल लड़ाकू विमान (Rafale), विमान के विनिर्माता दसॉ एविएशन के स्थल मेरिगनाक में सुपूर्द किया गया। दसॉ एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने बाडरे-मेरिगनेक एयर बेस पर का स्वागत किया। सिंह पेरिस से यहां फ्रांसीसी सैन्य विमान से आए थे। उन्होंने ट्रैपियर व फ्रांस के अधिकारियों की प्रतिनिधित्व में दसॉ एविएशन के संयंत्र का दौरा किया। विमान को सुपूर्द करने से पहले को विमान विनिर्माता के इतिहास पर एक संक्षिप्त ऑडियो-वीडियो क्लिप दिखाई गई। उनके फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ले विमान को सुपूर्द करने के प्रोग्राम में उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा, 'पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति जैक्स शिराक ने पूर्व भारतीय पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मिलकर रणनीतिक साझेदारी के लिए मूल आधार तैयार किया था। हम उनके आभारी हैं। आज का दिन हिंदुस्तान व फ्रांस के लिए मील का पत्थर व द्विपक्षीय रक्षा योगदान की नयी ऊंचाई का दिन है। ' विमान प्राप्त करने के बाद सिंह ने पारंपरिक शस्त्र पूजा की, जिसके बाद रक्षामंत्री इस दो सीट वाले लड़ाकू विमान में उड़ान भरेंगे।

भारत ने विमान को प्राप्त करने के लिए 8 अक्टूबर का दिन सिर्फ दशहरा की वजह से नहीं, बल्कि 8 अक्टूबर के दिन हर साल मनाए जाने वाले वायुसेना दिवस की वजह से चुना। दशहरा हिंदू परंपरा के अनुसार बुराई पर खासियत की जीत का प्रतीक है व सदियों से दशहरा उत्सव के दौरान शस्त्र पूजा की परंपरा रही है। पहले लड़ाकू विमान का नंबर आरबी 001 है।