चुनाव से दो हफ्ते स्थिति हुई बदतर, आप भी जाने

चुनाव से दो हफ्ते स्थिति हुई बदतर, आप भी जाने

प्रशासकों की समिति ( सीओए ) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ( बीसीसीआई ) के सदस्यों को चुनाव संबंधी नोटिस भेज दिया है लेकिन बोर्ड के अधिकारियों को अभी भी वार्षिक आम मीटिंग (एजीएम) व 23 अक्टूबर को प्रातः काल 11 बजे होने वाले बोर्ड के चुनावों के लिए नोटिस का इंतजार है.

बोर्ड के एक कार्यकारी ने इस बात की पुष्टि की व साथ ही बोला कि अगर सीओए मीटिंग की अध्यक्षता करना चाहती है तो यह उच्चतम न्यायालय द्वारा मंजूर किए गए संविधान का उल्लंघन होगा.

अधिकारी ने कहा, "सीओए ने अभी तक चुनावों के लिए अधिकारियों को नोटिस नहीं भेजा है. अगर सीओए एजीएम में अध्यक्षता करने की सोच रहा है तो यह उच्चतम न्यायालय द्वारा मंजूर किए गए संविधान का उल्लंघन होगा."

बोर्ड ऑफिसर ने बोला कि यह अधिकारियों को बीसीसीआई एजीएम में भाग लेने से रोकने का कोशिश होने कि सम्भावना है.

अधिकारी ने कहा, "न ही संविधान में ऐसा प्रावधान है व न ही उच्चतम न्यायालय का आदेश बीसीसीआई अधिकारियों को एजीएम में भाग लेने से रोकने की बात कहता है. यह एक कोशिश होने कि सम्भावना है कि बोर्ड के खाते मंजूर कर लिए जाएं वो भी सवाल करने वालों को प्रवेश न देकर."

इस सभी में एक जो बात हैरानी वाली निकल कर सामने आई है वो यह है कि बोर्ड के कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने खातों पर दस्तखत विरोध में आकर किए हैं. इस मुद्दे में जब चौधरी से बात करनी चाही वह उपलब्ध नहीं हुए हालांकि बोर्ड के एक सीनियर ऑफिसर ने इस बात की पुष्टि की.

कार्यकारी ने कहा, "हां, कोषाध्यक्ष ने खातों पर हस्ताक्षर किए हैं वो भी विरोध में आकर. मैं उनके जगह पर इस पर टिप्पणी करने के लिए जिम्मेदार नहीं हूं इसलिए ज्यादा जानकरी नहीं दे सकता."

मौजूदा हलचल को देखते हुए ऑफिसर ने बोला कि आगामी एजीएम बोर्ड के ऑडिटर्स के लिए भी इम्तिहान होगी.

उन्होंने कहा, "वो अधिकारियों के मीटिंग में शामिल होने से इतने डरे हुए क्यों हैं? अगर उन्होंने कोई गलत नहीं किया है तो वह अधिकारियों को मीटिंग में भाग लेने से रोक क्यों रहे हैं? क्या होगा अगर खाते पास नहीं किए गए तो? ऑडिटर्स को बहुत ज्यादा जवाब देने हैं क्योंकि उनकी साख दांव पर है."