इमरान के लिए पाकिस्तान के दशा हुए बेकाबू, 6 वर्ष के बाद दोहरे अंक पर महंगाई दर

इमरान के लिए पाकिस्तान के दशा हुए बेकाबू, 6 वर्ष के बाद दोहरे अंक पर महंगाई दर

नई दिल्ली: दिन-ब-दिन बेकार होती जा रही है. द्वारा जारी नए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. डॉन न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से नापे जाने वाली महंगाई दर इस वर्ष जुलाई में बढ़कर 10.34 प्रतिशत रही, जोकि पिछले महीने 8.9 प्रतिशत थी. पिछले वर्ष के जुलाई में यह 5.84 प्रतिशत रही.

पाकिस्तान में पिछली बार दोहरे अंकों में महंगाई दर नवंबर 2013 में दर्ज की गई थी, जो कि 10.9 प्रतिशत थी. महंगाई बढऩे का मुख्य कारण पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही बिजली व गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी है. सरकार ने कुछ नए कर तरीका लागू किए गए हैं, जिसके प्रभाव से भी महंगाई बढ़कर दोहरे अंकों में पहुंच गई है.

पाकिस्तानी रुपए के मूल्य में गिरावट के कारण पिछले कुछ महीनों से आयातित उपभोक्ता व गैर-उपभोक्ता वस्तुएं महंगी हो गई हैं. साथ ही औद्योगिक उत्पादों के विनिर्माण में प्रयोग होने वाला कच्चा माल भी महंगा हो गया है. इमरान खान की प्रतिनिधित्व वाली सरकार ने वित्त साल 2019-20 के लिए मुद्रास्फीति का लक्ष्य 11 प्रतिशत से 13 प्रतिशत तय किया है, जोकि वित्त साल 2018-19 में 7.3 प्रतिशत था.

डॉन न्यूज की रिपोर्ट में बोला गया है कि चालू वित्त साल के पहले महीने में मूल्य स्तर जुलाई में गैर-खाद्य मुद्रास्फीति में वृद्धि से प्रेरित दिख रहा है. पाक में खाद्य मुद्रास्फीति साल-दर-साल आधार पर बढ़कर 9.2 प्रतिशत रही है, जिसमें माह-दर-माह आधार पर 1.5 प्रतिशत की तेजी आई है.