एनसीआर के एक लाख घर खरीदार मुसीबत में फंसे

एनसीआर के एक लाख घर खरीदार मुसीबत में फंसे

एनसीआर के करीब एक लाख खरीदार दोहरी मुसीबत में फंस गए हैं. अदालती आदेश व एनबीसीसी को परियोजना सौंपने के बाद भी आम्रपाली, यूनीटेक व जेपी के प्रोजेक्ट के खरीदारों को घर कब मिलेगा यह तय नहीं है, वहीं उन पर बकाया पैसा देने का दबाव बढ़ गया है.

आम्रपाली के मुद्दे में उच्चतम न्यायालय ने एनबीसीसी को जिम्मेदारी देने के साथ खरीदारों को तीन महीने में बकाया चुकाने का आदेश दिया है. नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बोला कि बैंक कर्ज़ देने को तैयार नहीं हैं व हमारी जमापूंजी पहले ही समाप्त हो चुकी है.

यूनीटेक के खरीदारों का बोलना है कि देरी से घर मिलने पर12% की दर से मुआवजे की बजाय एनबीसीसी के आने से लागत बढ़ी है. उनकी मांग है कि एनबीसीसी को प्रोजेक्ट देने की बजाय यूनीटेक के पुनरोद्धार पर कार्य हो. जेपी होमबायर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ मेम्बर संजीव साहनी ने बोला कि अडाणी व टाटा अधूरे प्रोजेक्ट का नियंत्रण लेने को तैयार हैं, लेकिन बैंकों का समूह इस मुद्दे में बाधा उत्पन्न कर रहा है.

आम्रपाली
1. तीन माह में बकाया देने के आदेश से संकट में आम्रपाली के घर खरीदार.
2. पूछा, परियोजना पूरी करने के लिए 1700 करोड़ कहां से जुटाएगी.

यूनीटेक
1. देरी पर मुआवजे की स्थान खरीदारों पर 8 प्रतिशत ज्यादा बोझ डाला गया.
2. खरीदारों ने एनबीसीसी को बाहर कर यूनीटेक के पुनरोद्धार की मांग.

जेपी प्रोजेक्ट
1. अडाणी, टाटा जैसे समूह प्रोजेक्ट को खरीदने के लिए तैयार, बैंक अड़े.
2. एनसीएलएटी में लटका है मामला, 90 दिन व मोहलत बढ़ी समाधान.