बवासीर से परेशान लोगों के लिये कमल का फूल सबसे बढ़िया औषधीय ऐसे करें उपचार

बवासीर से परेशान लोगों के लिये कमल का फूल सबसे बढ़िया औषधीय ऐसे करें उपचार

कमल का फूल अपनी सुन्दरता और खुशबु के लिए जाना जाता हैं। कमल के फूल को खासतौर से सजावट और मंदिर में पूजा के दौरान काम में लिया जाता हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खुशबू के अलावा कम का फूल सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता हैं। जी हाँ, कमल के फूल में ऐसे कई गुण पाए जाते हैं जिनकी मदद से व्यक्ति की सेहत से जुड़ी कई परेशानियों का निपटारा किया जा सकता हैं। इसलिए आज हम आपके लिए कमल के फूल से जुड़े ऐसे उपयोग लेकर आए हैं जो बिमारियों का इलाज कर सकते हैं। तो आइये जानते हैं इसके बारे में।



बवासीर
बवासीर से परेशान लोगों के लिये कमल का फूल सबसे बढ़िया औषधीय उपचार माना गया है। इस समस्या से परेशान लोग कमल केसर का उपयोग कर इस समस्या से मुक्ति पा सकते है। ये आपको आसानी से आस पास के नदी तलाबों में मिल सकता है। आप आधा ग्राम मक्खन और चीनी में कमल केसर को मिलाकर एक सप्ताह तक लगातार खायें। आपको इस बीमारी से जल्द ही राहत मिलगी।

चर्म रोग
जिन लोगों को त्वचा से संबंधित समस्याएं है जिसे हम चर्म रोग के नाम से जानते हैं जो किसी बाहरी संक्रमण के कारण ज्यादा फैल जाती है और आगे चलकर काफी भयानक रूप ले लेती है। इस समस्या को दूर करने में कमल का पौधा काफी अच्छा उपचार है। इसके लिये पानी में से कमल की जड़ निकालकर उसे घिस लें और उससे निकलने वाले सार को संक्रमित जगह पर लगाये। ऐसा करने से चर्म रोग की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।

शीध्रपतन की समस्या
शीध्रपतन एक ऐसी समस्या जो आज के समय में महामारी के रूप में फैलती ज्यादा नजर आ रही है। बीर्य का ना बनना या समय से पहले ही बीर्यपात हो जाना नव दंपती के जीवन की खुशहाली को दूर कर देता है । इस समस्या से मुक्ति दिलाने में कमल की जड़ से बना चूर्ण काफी फायदेमंद साबित हुआ है। इसके लिये आप गर्म गुनगुने किये हुए पानी में कमल की जड़ का चूर्ण कम से कम चार ग्राम मिलाकर पीएं। ऐसा करते रहने से आप जल्द ही वीर्यपात जैसी समस्या से छुटकारा पा सकते है।

ब्रेस्ट टाइट करने के लिए
बढ़ती उम्र के साथ या फिर शरीर में पौषक तत्वों की कमा होने से जिन महिलाओं के ब्रेस्ट ढीले होने लगते है। वे महिलाये कमल के बीजों का उपयोग करें। इसके लिये आप कमल के बीजों के पीसकर पाउड़र बना लें और उस पाउडर को गाय के दूध के साथ करीब दो माह तक पीते रहें। इसके फायदे आपको जल्द ही देखने को मिल जायेगे।

उल्टी होने पर
बार बार जी मचलाना या फिर उल्टी के आने वाली समस्या को दूर करने के लिये आप कमल के कुछ बीजों को तवे पर भून लें और उसे छीलकर उसके अंदर के सफेद भाग को पीसकर इसमें शहद मिला लें और जब भी आपको उल्टी की समस्या आये इस तरह पेस्ट बनाकर खा लें। जल्द ही राहत देने वाला सबसे अच्छा औषधीय उपचार है।