आर्थिक संकट से गुजर रहे ईरान ने यूरेनियम उत्पादन पर फिर से कार्य करना कर दिया प्रारम्भ

आर्थिक संकट से गुजर रहे ईरान ने यूरेनियम उत्पादन पर फिर से कार्य करना कर दिया प्रारम्भ

अमरीकी प्रतिबंधों के कारण आर्थिक संकट से गुजर रहे ईरान ( Iran ) ने यूरेनियम उत्पादन पर फिर से कार्य करना प्रारम्भ कर दिया है. सोमवार को अमरीकी परमाणु वॉचडॉग के प्रमुख ने बताया कि ईरान ने समृद्ध यूरेनियम के उत्पादन में तेजी लाने की धमकी दी है. उन्होंने बोला कि ईरान ने यह कदम अमरीकी प्रतिबंधों से तनाव में आने के बाद उठाया है. यह आकलन हाल के हफ्तों में तेजी से बढ़े यूएस-ईरानी विवाद के समय पर आया है, जब वाशिंगटन ने ईरान व दुनिया शक्तियों के बीच अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रतिबंधों को हटाने के बदले में तेहरान ( Tehran ) के परमाणु प्रोग्राम को रोकने के लिए एक समझौते को छोड़ दिया. अमरीका ( America ) ने मई की आरंभ से प्रतिबंधों को कड़ा करते हुए सभी राष्ट्रों व कंपनियों को ईरान से ऑयल नहीं खरीदने का आदेश दिया था.

ईरान ने यूरेनियम उत्पादन को बढ़ाया!

अमरीकी प्रतिबंधों के जवाब में ईरान ने यूरेनियम का संवर्धन बढ़ा दिया है. ईरान का बोलना है कि यह उन यूरोपीय लोगों पर निर्भर है जो अभी भी परमाणु समझौते का समर्थन करते हैं ताकि तेहरान को आर्थिक फायदा का वादा किया जा सके. IAEA के प्रमुख युकिया अमानो, जिनकी एजेंसी परमाणु समझौते के साथ ईरानी अनुपालन की निगरानी के लिए जिम्मेदार है, ने बोला कि ईरान अब पहले की तुलना में अधिक समृद्ध यूरेनियम का उत्पादन कर रहा था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि यह संधि में निर्धारित भंडार सीमा तक कब पहुंच सकता है. उन्हें एक प्रेस बातचीत में बताया कि हां, ईरान ने समृद्ध यूरेनियम का उत्पादन बढ़ाया है.

जर्मन विदेश मंत्री का ईरान दौरा

अमरीका व ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए सोमवार को जर्मनी के विदेश मंत्री हेइको मास ईरान के भ्रमण पर तेहरान पहुंचे. उन्होंने बोला कि दोनों राष्ट्रों के बीच तनाव के कारण इस क्षेत्र में स्थिति अत्यधिक विस्फोटक व अत्यंत गंभीर हो गया है. वहीं ईरान के विदेशमंत्री मोहम्मद जावाद ज़ारिफ ने बोला कि मौजूदा तनाव में बढ़ोतरी से सैन्य वृद्धि भी हो सकती है.राष्ट्रपति हसन रूहानी ने मास के साथ मुलाकात करते हुए आरोप लगाया कि इस तनाव के लिए अमरीका जिम्मेदार है. उन्होंने बोला कि यह युद्ध किसी भी देश के लिए कभी भी लाभकारी नहीं होगा व ईरानी लोग इन दबावों व धमकाने वाले व्यवहारों का विरोध करेंगे.

बातचीत से हल होगा विवाद

IAEA के प्रमुख युकिया अमानो ने बोला कि परमाणु मामले पर बढ़ते तनाव को कम करने के लिए आपस में वार्ता करना महत्वपूर्ण है. उन्होंने आगे कहा- उम्मीद है कि इस मामले को वार्ता के जरिए ही घटाया जा सकेगा. यह महत्वपूर्ण है कि ईरान समझौते के तहत अपनी परमाणु संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरी तरह लागू करे. वाशिंगटन में विदेश विभाग के प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टागस ने बोला कि IAEA के निष्कर्षों से पता चलता है कि ईरान गलत दिशा में जा रहा है व यह ईरान को अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए जारी चुनौती को रेखांकित करता है.वाशिंगटन के यूरोपीय सहयोगियों ने परमाणु समझौते को छोड़ने के लिए पिछले वर्ष अपने निर्णय का विरोध किया, 2015 में ईरान व संयुक्त प्रदेश अमरीका, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस व चाइना के बीच पहुंच गया. उन्होंने ईरान को व्यापार करने के अन्य उपायों को खोजने में मदद करने का वादा किया है, हालांकि अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है. सभी प्रमुख यूरोपीय कंपनियों ने ईरान में निवेश की योजना की घोषणा की थी, क्योंकि उन्हें अमरीकी सजा के भय से बंद कर दिया गया था. ईरान का बोलना है कि यूरोपीय लोगों ने इस व्यापार के लिए वैकल्पिक उपाय प्रदान करने के लिए पर्याप्त नहीं किया है. रूहानी ने बोला कि हमने पिछले एक वर्ष में यूरोपीय लोगों द्वारा उनके अच्छे राजनीतिक रुख के बावजूद कोई गंभीर कदम उठाते नहीं देखा है.