UNHRC में कश्मीर मामला उठाने पर हिंदुस्तान भी पाक को देगा करारा जवाब

UNHRC में कश्मीर मामला उठाने पर हिंदुस्तान भी पाक को देगा करारा जवाब

संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद यानी यूएनएचआरसी (UNHRC) की बैठक में पाकिस्‍तान, जम्‍मू-कश्‍मीर का मसला उठा सकता है। जेनेवा में आयोजित किए गए यूएनएचआरसी के 42वें सत्र में हिंदुस्तान व पाकिस्‍तान दोनों को ही मंगलवार को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। हालां‍कि UNHRC में कश्मीर मामला उठाने पर हिंदुस्तान भी पाक को करारा जवाब देगा।

पाकिस्तान के जवाब में हिंदुस्तान PoK में मानवाधिकार हनन का मसला उठाएगा। भारत, पाक के सिंध-बलूचिस्‍तान में सेना के दमन का मामला भी उठाएगा। हिंदुस्तान PoK में पाकिस्तानी सेना के जुल्म को उजागर कर सकता है। बलूचिस्तान, गिलगित, खैबर पख्तूनख्वा में मानवाधिकार उल्लंघन का उल्लेख भी किया जा सकता है। हिंदू, सिख पर हो रहे अत्याचार का भी जिक्र संभव है।

जेनेवा में राजनयिक अजय बिसारिया के साथ एक प्रतिनिधिमंडल लगातार इस सिलसिले में मेम्बर राष्ट्रों से मिल रहा है। यूरोप, अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका के राष्ट्रों से बातचीत हो रही है। संयुक्त देश मानवाधिकार परिषद के कुल 47 सदस्य हैं। दरअसल पाकिस्तान, कश्‍मीर मसले पर बहस या प्रस्ताव के लिए कह सकता है। किन्तु हिंदुस्तान की दमदार कूटनीति की वजह से अमेरिका, फ्रांस व रूस के समर्थन मिलने की आसार बेहद कम दिख रही है। चाइना भी पाक का खुलकर समर्थन नहीं कर सकेगा। हांगकांग में मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे में चाइना खुद फंसा हुआ है। चाइना भी नहीं चाहेगा कि मुद्दा वोटिंग तक पहुंचे।