कश्मीर पर पाक व चाइना के बयान की निंदा कर रहा हिंदुस्तान, कही यह बड़ी बात

कश्मीर पर पाक व चाइना के बयान की निंदा कर रहा हिंदुस्तान, कही यह बड़ी बात

हिंदुस्तान ने मंगलवार को कश्मीर पर पाक व चाइना के बयान की निंदा की है. दरअसल, एक दिन पहले ही चाइना के विदेश मंत्री वांग यी पाकिस्तान दौरे पर थे.

यहां उन्होंने पाकिस्तान के साथ साझा बयान में कश्मीर पर हिंदुस्तान की कार्रवाई को एकतरफा बताया. साथ ही इस मुद्दे को वार्ता के जरिए सुलझाने के लिए बोला था. इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बोला कि हम कश्मीर दोनों राष्ट्रों के बयान को नकारते हैं. जम्मू और कश्मीर हिंदुस्तान का अभिन्न अंग है. हिंदुस्तान ने दोनों राष्ट्रों से पीओके में चल रहे वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट को बंद करने के लिए कहा.

विदेश मंत्रालय की ओर से बोला गया कि हिंदुस्तान लगातार चाइना व पाकिस्तान द्वारा पीओके में चलाए जा रहे ‘चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर’ (सीपैक) का विरोध करता रहा है. क्योंकि यह प्रोजेक्ट हिंदुस्तान के उस इलाके में चलाया जा रहा है जिस पर पाकिस्तान ने 1947 से ही गैरकानूनी रूप से अतिक्रमण कर रखा है. हिंदुस्तान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की यथास्थिति बदलने की किसी भी अन्य देश की कोशिशों का विरोध करता है. हम इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी पक्षों से तुरंत कार्रवाई बंद करने की मांग करते हैं.

चीन ने पाकिस्तान के समर्थन में यूएन में उठाया था कश्मीर मुद्दा
भारत द्वारा जम्मू और कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लिए जाने के बाद चाइना ने पाकिस्तान के समर्थन में संयुक्त देश सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे को उठाया था. हालांकि, यूएन में सिर्फ एक गुप्त मीटिंग हुई थी, जो कि बेनतीजा रही थी. चाइना परिषद का स्थायी मेम्बर है. अब तक रूस, अमेरिका व यूएई समेत ज्यादातर देश कश्मीर मसले पर हिंदुस्तान के साथ रहे हैं.

किसी भी अंतर्राष्ट्रीय सीमा का उल्लंघन नहीं किया: भारत
पाकिस्तान कश्मीर मामले को सभी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उठाने की लगातार प्रयास करता रहा है व वह इस मुद्दे में दुनिया समुदाय को शामिल करने का कोशिश करता रहा है. पाक ने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान के अनुच्छेद 370 हटाने के कदम से न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरा उत्पन्न हुआ है. हालांकि हिंदुस्तान ने स्पष्ट किया था कि यह उसका आंतरिक मुद्दा है व उसने किसी भी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन नहीं किया है.