आसान नहीं कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव, युवा और वरिष्ठ नेताओं में टकराव

कांग्रेस कार्यसमिति की शनिवार को होने वाली बैठक में नए अध्यक्ष का फैसला होगा, लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा। पार्टी के युवा तुर्कों और वरिष्ठ नेताओं में टकराव बढ़ने से चुनाव प्रक्रिया कठिन होने वाली है।ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट, जितिन प्रसाद जैसे युवा नेताओं ने नए अध्यक्ष के लिए राहुल गांधी की पसंद का समर्थन करने का फैसला किया है। जबकि गुलाम नबी आजाद, पी. चिदंबरम, अहमद पटेल जैसे नेता किसी अनुभवी चेहरे पर दांव लगाने के पक्ष में हैं।

सूत्रों के अनुसार फिलहाल राहुल गांधी की पसंद संगठन सचिव केसी वेणुगोपाल हैं। उनके नाम पर सहमति न होने पर वे कुमारी सैलजा का नाम आगे कर सकते हैं। वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि वेणुगोपाल के सामने लोकप्रियता का संकट है। बाहर तो दूर वे गृह राज्य केरल में ही लोकप्रिय नहीं हैं। केरल में उनसे अधिक लोकप्रिय एके एंटनी, रमेश चेन्नीथला, ओमन चंडी और शशि थरूर हैं।

वरिष्ठ नेताओं की पसंद मुकुल वासनिक या मल्लिकार्जुन खरगे हैं। केरल के ताकतवर नायर समुदाय से आने वाले वेणुगोपाल को छोड़कर अन्य तीनों उम्मीदवार दलित समुदाय के हैं। माना जा रहा है कि 59 वर्षीय वासनिक पर दोनों खेमे सहमत हो सकते हैं।

साझे उम्मीदवार पर सहमति न बनने पर कांग्रेस को 1967 की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। तब इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाले युवाओं ने के. कामराज, मोरारजी देसाई और नीलम संजीव रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस के खिलाफ विद्रोह कर अलग पार्टी बना ली थी।