दुष्यंत चौटाला के ट्वीट पर मुख्यमंत्री ने निशाना साधते हुए बोली यह बड़ी बात

दुष्यंत चौटाला के ट्वीट पर मुख्यमंत्री ने निशाना साधते हुए बोली यह बड़ी बात

हरियाणा बिजली निगम में एसडीओ की भर्ती पर सियासी जंग छिड़ गई है. जजपा ने ट्विटर हैंडल से लिखा है कि भर्ती रद्द हो गई. पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा- भ्रम है, कोई भर्ती रद्द नहीं हुई. हरियाणा के चुनावी दंगल में अब जननायक जनता पार्टी ने बिजली निगम में एसडीओ की भर्ती रद करने का मुद्दा उठाया है.

जजपा का बोलना है बिजली निगम में एसडीओ की भर्ती रद हो गई है व यह पार्टी के प्रयत्न की जीत है. लेकिन जजपा के प्रचार पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विराम लगाते हुए साफ कर दिया है कि जजपा भ्रामक प्रचार कर रही है, कोई भर्ती रद नहीं हुई है.

दरअसल, जजपा नेता पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने ट्वीट कर दावा किया था कि जजपा के प्रयत्न के बाद हरियाणा सरकार ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए बिजली निगम में एसडीओ क भर्ती रद कर दी गई है. दुष्यंत का बोलना है कि इस भर्ती के दौरान सामान्य वग्र में शार्टलिस्ट हुए 80 में से सिर्फ2 ही युवक हरियाणा के निवासी थे.

दुष्यंत ने बोला कि इस 30 अगस्त को भी इस संदर्भ में ट्वीट कर यह मामला उठाया था व यह हरियाणा के युवाओं के साथ धोखा है. जननायक जनता पार्टी इसका विरोध कर रही थी. जिसके बाद अब हरियाणा सरकार ने अपने निर्णय पर यू-टर्न लेते हुए बिजली निगम ने भर्ती रद्द करने का आदेश जारी किया है जो कि हरियाणा के काबिल युवाओं की जीत है.

दुष्यंत ने आरोप लगाते हुए बोला हरियाणा सरकार प्रदेश के युवाओं का रोजगार में हक छीनने का कार्य कर रही है, जिसे जजपा कतई बरदाश्त नहीं करेगी.

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हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने बोला कि बिजली निगम में किसी भी प्रकार की भर्ती रद्द नहीं की गई है. बल्कि प्रदेश के हितों को देखते हुए दोबारा फार्म मंगाने का विचार किया गया है, क्योंकि क्योंकि बीजेपी किसी भी हाल में हरियाणा के हितों की अनदेखी नहीं होने देगी. सीएम ने बोला कि यह कुछ लोगों द्वारा केवल भ्रम फैलाया जा रहा है. सीएम ने बताया कि बिजली निगम एसडीओ के पद के लिए गेट इम्तिहान उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से आवेदन मांगा गया था.

यह इम्तिहान चेन्नई के एक विश्वविद्यालय द्वारा कराई जाती है. जिसमें हजारों विद्यार्थी पास होते हैं व ये विद्यार्थी बहुत ही उच्च शिक्षित होते हैं. ऐसे विद्यार्थी अगर सरकारी जॉब में आना चाहते हैं, तो हरियाणा सरकार ने उनको ऑफर किया था. इस इम्तिहान में बहुत ज्यादा संख्या में हरियाणा के विद्यार्थी भी उत्तीर्ण होते हैं. हरियाणा सरकार ने यह एक इस्तेमाल किया था. जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षित लोगों को सरकारी जॉब में आने का मौका देना था. जब बिजली निगम में एसडीओ के पद के लिए आए हुए फार्म का मूल्यांकन किया गया, तो देखा गया कि जो सीटें रिर्जव नहीं हैं.

उनमें बहुत ज्यादा संख्या में दूसरे प्रांतों के अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है. अब संविधान के नियमों के अनुसार दूसरे प्रांतों के विद्यार्थियों को आवेदन करने से तो रोका नहीं जा सकता है. इसलिए ऐसे में बीच जा रास्ता निकालते हुए उस फार्म मूल्यांकन को अभी रोक दिया गया है. हम रास्ता निकाल रहे हैं, जिससे की हरियाणा के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा मौका मिले. सीएम ने स्पष्ट किया कि एसडीओ के पद के लिए किसी भी प्रकार की इम्तिहान नहीं कराई गई थी. केवल एक इम्तिहान उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से आवेदन मांगा गया था.

हरियाणा के नौजवानों के हितों को देखते हुए अगर उस पद्धति से हरियाणा के युवाओं को मौका नहीं मिलता है, तो हम अपनी पद्धति से इम्तिहान करवाएंगे. इसके लिए हम पूरी तरह से स्वतंत्र हैं. हम हरियाणा के लोगों का विरोध नहीं कर सकते हैं, पहले भी स्पष्ट किया है व आज भी कह रहे हैं.