कोई भी निर्णय लेते वक्त रखे किन बातों का ध्यान

कोई भी निर्णय लेते वक्त रखे किन बातों का ध्यान

कई बार जिंदगी में ऐसे मोड़ आते हैं जब हम बेहद फंसा हुआ महसूस करते हैं। जब दिल कुछ कहता है व दिमाग कुछ व ही बयां करता है। उलझन व कशमकश में कई बार लोग गलत कदम तक उठा लेते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए बेहतर है कि हमारी निर्णय लेने की क्षमता इतनी मजबूत हो कि हम कभी कंफ्यूज न हों। आइए जानते हैं कि कोई भी निर्णय लेते वक्त किन बातों का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है:इंसान एक भावनात्मक प्राणी है। लेकिन जब फैसला लेने की बारी आती है तो कई बार वो केवल दिमाग से सोचता है व भावनाओं को किनारे कर देता है। जबकि ये रवैया ठीक नहीं है।लेकिन अगर आप बेहद भावना में बह कर कोई निर्णय कर रहे हैं तो बेहतर है कि निर्णय को कुछ समय के लिए टाल दें। जब मन शांत व स्थिर महसूस करे तो दिमाग से सोच कर वभावना का ख्याल रखते हुए निर्णय लें।

दिल कभी झूठ नहीं बोलता ऐसा बोला जाता है। इसलिए हमेशा दिल की आवाज सुनें। कोई भी निर्णय लेते वक्त अगर आपके मन में कोई दोराय या शंका है तो बेहतर है कि निर्णय लेने से पहले उसके सभी पक्षों पर गहराई से विचार कर लें। मसलन, आप साथी के साथ अपने रिश्तों को लेकर कोई निर्णायक निर्णय लेना चाहते हैं लेकिन उहापोह में हैं तो दिल की आवाज सुनें। यकीन मानिए आपका दिल आपसे झूठ नहीं बोलेगा।

कोई भी निर्णय लेने से पहले उसकी वजह तलाश करिए। सोच कर देखिये कि आखिर आप ये निर्णय क्यों लेना चाहते हैं व इसका आपके भविष्य पर क्या प्रभाव होगा। क्या इसका नतीजा गलत होने कि सम्भावना है? मसलन, अगर आप साथी के साथ सम्बन्ध तोड़ना चाहते हैं तो इसपर गहराई से विचार करें। सोच कर देखें कि आखिर आज आप अपने संबंध के बारे में जो निर्णय ले रहे हैं उसका आप पर आपके भविष्य पर साथी पर क्या असर होने कि सम्भावना है? या अगर तोड़ना ही था तो रिश्ता प्रारम्भ क्यों किया?