भारत के दो और beaches को मिला ब्लू फ्लैग, दुनिया के सबसे साफ-सुथरे बीच की लिस्ट में हुए शामिल

भारत के दो और beaches को मिला ब्लू फ्लैग, दुनिया के सबसे साफ-सुथरे बीच की लिस्ट में हुए शामिल

'ब्लू फ्लैग' दुनिया का बहुत ही खास और मान्यता प्राप्त स्वैच्छिक इको लेबल अवॉर्ड है, जो समुद्री तटों, मरीना बीच और सस्टेनेबल बोटिंग टूरिज्म ऑपरेटर्स को दिया जाता है। अब तक भारत में 8 समुद्री तटों को यह फ्लैग मिला था लेकिन हाल ही में इसमें दो और बीच शामिल हो गए हैं जो गर्व की बात है। तमिलनाडु के कोवलम और पुडुचेरी के ईडन समुद्र तट को ‘ब्लू फ्लैग’ दिया गया है। इसकी जानकारी ट्विटर के जरिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री, भूपेंद्र यादव ने साझा की है। 


पहले से शामिल 8 ब्लू फ्लैग Beahes

1. शिवराजपुर-गुजरात,

2. घोघला-दीव,

3. कासरकोड, कर्नाटक

4. कप्पड-केरल

6. रुशिकोंडा- आंध्र प्रदेश,

6. गोल्डन-ओडिशा

7. राधानगर- अंडमान और निकोबार

8. पदुबिद्री-कर्नाटक

इस देश के पास है सबसे ज्यादा ब्लू फ्लैग

ब्लू फ्लैग लिस्ट के हिसाब से फिलहाल स्पेन के पास दुनिया में सबसे ज्यादा 566 समुद्री तट हैं जो एकदम साफ-सुथरे हैं, जबकि ग्रीस के 515 और फ्रांस के 395 तट इसमें शामिल हैं। जहां प्रदूषण का स्तर तो कम है ही साथ ही नहाने के पानी की गुणवत्ता, पर्यावरण प्रबंधन और समुद्र तटों पर संरक्षण, सुरक्षा एवं सेवा भी बहुत बेहतर है।


एफईई देता है यह अवॉर्ड

समुद्री तटों को स्वच्छ और जीवों के अनुकूल बनाने की मुहिम चलाने वाली संस्था FEE (Foundation for Environmental Education) देशों के तटों को स्वच्छता के आधार पर चुनकर ब्लू फ्लैग देती है। यह एक गैर-सरकारी संस्था है, जिसके 60 सदस्य देश हैं। समुद्र तटों को पर्यावरण हितैषी बनाने के लिए ब्लू फ्लैग कार्यक्रम को फ्रांस के पेरिस से शुरू किया गया था।


तो घूमने-फिरने के हिसाब से तो ये बीचेज़ अच्छे हैं ही साथ में यहां पर्यावरण संरक्षण का भी खासतौर से ध्यान रखा जाता है।


अगर आपके पास आकर बैठ जाए यह पक्षी तो समझ लीजिये...

अगर आपके पास आकर बैठ जाए यह पक्षी तो समझ लीजिये...

इंसान की मृत्यु एक सार्वभौमिक क्रिया हैं जिसका हर किसी के साथ होना तय है। ऐसे में फिर भी सभी को मौत का भय सताता रहता है और सभी मौत से डरते हैंमौत का संकेत ऐसे में क्या आप जानते हैं कि मौत का पता कैसे चल सकता है, अगर नहीं तो आज हम आपको बताते हैं कि शिवपुराण में इसके संकेतों के बारे में बताया गया है। 

मिलते है ये संकेत:

# शिवपुराण के अनुसार जिस व्यक्ति के सिर पर गिद्ध, कौवा या कबूतर आकर बैठ जाता है उसकी मौत एक महीने में होना तय होती है।

# अगर किसी व्यक्ति का शरीर अचानक पीला व सफेद पड़ जाए अौर लाल निशान दिखाई दे तो समझ जाइए कि व्यक्ति की मृत्यु 6 महीने के भीतर होने वाली है।

# जिस मनुष्य की आंख, कान, मुंह अौर जीभ ठीक से काम न करें उसकी भी मृत्यु 6 महीने के अंदर होना तय होती है।

# जिस व्यक्ति को चंद्रमा या सूर्य के आस-पास काला या लाल घेरा दिखाई देने लगे तो समझ जाएं उस इंसान की मौत 15 दिन के अंदर होने वाली है।

# जब किसी इंसान को जल, घी, तेल या दर्पण में अपनी परछाई न दिखाई दें तो उसकी आयु 6 महीने से अधिक नहीं रहती है और वह मरने वाला होता है।