बुजुर्ग अपने जीवनसाथी से लगातार आलोचना का शिकार होते, जाने क्यों

बुजुर्ग अपने जीवनसाथी से लगातार आलोचना का शिकार होते, जाने क्यों

पति-पत्नी के बीच अक्सर नोकझोंक होती रहती है. लेकिन, लगातार जीवनसाथी की आलोचना करने से उनकी जल्दी मृत्यु होने का खतरा बढ़ जाता है. एक हालिया शोध में यह खुलासा हुआ है.

 पेंसिल्वेनिया के लाफयेते  कॉलेज किए गए शोध में दर्शाया गया है कि जो बुजुर्ग अपने जीवनसाथी से लगातार आलोचना का शिकार होते हैं उनकी पांच वर्षों के अंदर मृत्यु होने की आसार बढ़ जाती है. 

वास्तव में, जिन लोगों की सबसे अधिक आलोचना की गई थी, उनकी मृत्यु होने की आसार दोगुनी पाई गई.  शोधकर्ताओं ने ऐसे लोगों की पांच वर्षों तक निगरानी करने के बाद पाया कि सबसे कम आलोचना प्राप्त करने वालों की तुलना में इनमें जोखिम ज्यादा था. 

महिला व पुरुषों पर समान प्रभाव-
इसका असर पुरुषों व स्त्रियों के लिए समान था व इसमें अन्य करीबी परिवार या दोस्त जैसे कारक शामिल नहीं थे. प्रमुख लेखक प्रोफेसर जमीला बुकवाला ने बोला कि लगातार आलोचना से दिमाग के साथ शरीर पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है.  उन्होंने कहा, ये अन्य प्रकार के तनावों की तरह ही है जो सिर्फ स्वास्थ्य व स्वास्थ्य पर ही असर नहीं डालता बल्कि इसका संबंध मौत से भी होता है. 

ऐसे किया अध्ययन-
पेनसिल्वेनिया में लाफयेते कॉलेज से प्रोफेसर बुकवाला की टीम ने 1,734 पुरुषों व स्त्रियों के डेटा का विश्लेषण किया. सभी की आयु 57 से 85 के बीच थी. इनमें 90 फीसदी विवाहित थे. बाकी एक साथ या वरना अंतरंग विषय में रह रहे थे. इनमें से 44 प्रतिशत लोग अत्यधिक आलोचना का शिकार थे व पांच वर्षों के अंदर उनकी मृत्यु हो गई. वहीं, जिनकी आलोचना का स्तर थोड़ा कम था उनमें मृत्यु का खतरा भी कम पाया गया. इस शोध को पत्रिका हेलथ साइकोलॉजी में प्रकाशित किया गया है.