भगवान को भोग लगाना हो या मेहमानों को डेजर्ट में कुछ अलग खिलाना हो 'कोकोनट हलवा' है एकदम बेस्ट

भगवान को भोग लगाना हो या मेहमानों को डेजर्ट में कुछ अलग खिलाना हो 'कोकोनट हलवा' है एकदम बेस्ट

सामग्री :

1 ताजा नारियल, 1/4 कप कंडेंस्ड मिल्क, 2 कप दूध, 3-4 टेबलस्पून या स्वादानुसार चीनी, 4 टेबलस्पून शुद्ध घी, 1/2 टीस्पून छोटी इलायची पाउडर, थोड़े से ग्लेज्‍ड चेरी, बादाम, गुलाब की पंखुड़ियां और सिल्वर बॉल्स सजाने के लिए

विधि :

सबसे पहले नारियल को छीलकर फोड़ लें। फिर उसके ऊपरी काले हिस्से को छीलकर अलग कर दें।
अब सफेद हिस्से को मिक्सी में पीस लें।
फिर एक नॉनस्टिक पैन में घी गर्म करें।
उसमें नारियल को 2-3 मिनट तक मीडियम आंच पर हलका सा भूनें।
ध्यान रहे नारियल भूनते समय उसका रंग नहीं बदले।
नारियल भूनने पर उसमें पहले कंडेंस्ड मिल्क, फिर दूध डालें और लगातार चलाते हुए मिश्रण को पकाएं। दूध जब गाढ़ा हो जाए तो उसमें चीनी और इलायची पाउडर डालें।
अब चीनी घुलने और मिश्रण गाढ़ा होने तक हलवे को पकाएं।
बोल में हलवा निकालें और ग्लेज्ड चेरी, सिल्वर बॉल्स, गुलाब की पंखुड़ियों और बादाम से गार्निश करें।


भारत के दो और beaches को मिला ब्लू फ्लैग, दुनिया के सबसे साफ-सुथरे बीच की लिस्ट में हुए शामिल

भारत के दो और beaches को मिला ब्लू फ्लैग, दुनिया के सबसे साफ-सुथरे बीच की लिस्ट में हुए शामिल

'ब्लू फ्लैग' दुनिया का बहुत ही खास और मान्यता प्राप्त स्वैच्छिक इको लेबल अवॉर्ड है, जो समुद्री तटों, मरीना बीच और सस्टेनेबल बोटिंग टूरिज्म ऑपरेटर्स को दिया जाता है। अब तक भारत में 8 समुद्री तटों को यह फ्लैग मिला था लेकिन हाल ही में इसमें दो और बीच शामिल हो गए हैं जो गर्व की बात है। तमिलनाडु के कोवलम और पुडुचेरी के ईडन समुद्र तट को ‘ब्लू फ्लैग’ दिया गया है। इसकी जानकारी ट्विटर के जरिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री, भूपेंद्र यादव ने साझा की है। 


पहले से शामिल 8 ब्लू फ्लैग Beahes

1. शिवराजपुर-गुजरात,

2. घोघला-दीव,

3. कासरकोड, कर्नाटक

4. कप्पड-केरल

6. रुशिकोंडा- आंध्र प्रदेश,

6. गोल्डन-ओडिशा

7. राधानगर- अंडमान और निकोबार

8. पदुबिद्री-कर्नाटक

इस देश के पास है सबसे ज्यादा ब्लू फ्लैग

ब्लू फ्लैग लिस्ट के हिसाब से फिलहाल स्पेन के पास दुनिया में सबसे ज्यादा 566 समुद्री तट हैं जो एकदम साफ-सुथरे हैं, जबकि ग्रीस के 515 और फ्रांस के 395 तट इसमें शामिल हैं। जहां प्रदूषण का स्तर तो कम है ही साथ ही नहाने के पानी की गुणवत्ता, पर्यावरण प्रबंधन और समुद्र तटों पर संरक्षण, सुरक्षा एवं सेवा भी बहुत बेहतर है।


एफईई देता है यह अवॉर्ड

समुद्री तटों को स्वच्छ और जीवों के अनुकूल बनाने की मुहिम चलाने वाली संस्था FEE (Foundation for Environmental Education) देशों के तटों को स्वच्छता के आधार पर चुनकर ब्लू फ्लैग देती है। यह एक गैर-सरकारी संस्था है, जिसके 60 सदस्य देश हैं। समुद्र तटों को पर्यावरण हितैषी बनाने के लिए ब्लू फ्लैग कार्यक्रम को फ्रांस के पेरिस से शुरू किया गया था।


तो घूमने-फिरने के हिसाब से तो ये बीचेज़ अच्छे हैं ही साथ में यहां पर्यावरण संरक्षण का भी खासतौर से ध्यान रखा जाता है।