शाम की मसाला चाय के साथ सर्व करें 'पालक मुरुक्कू'

शाम की मसाला चाय के साथ सर्व करें 'पालक मुरुक्कू'

सामग्री :

2 कप चावल का आटा, 1/2 कप बेसन, 2 टेबलस्पून रोस्टेड चना दाल, 1/2 टीस्पून जीरा, चुटकी भर हींग, नमक, 1 टीस्पून मक्खन, 1/4 कप पानी, तेल
पालक के पेस्ट के लिए सामग्री
मुट्ठी भर पालक, 2 हरी मिर्च, 1/4 कप पानी
विधि :

सबसे पहले ब्लेंडर जार में पालक, हरी मिर्च और पानी डालकर ब्लेंड कर लें।
एक बोल में चावल का आटा, बेसन, रोस्टेड चना दाल, जीरा, हींग, नमक, मक्खन, पानी और पालक का पेस्ट डालकर मुलायम आटा गूंधे।
मशीर में स्टार मोल्ड सेट करें। इसमें आटा डालें। अब एक बेटर पेपर पर चकली या मुरुक्कू को फैलाते जाएं।
अगर इन चकलियों को आपको डीप फ्राई करना है तो कड़ाही में तेल गर्म कर सुनहरा होने तक तलें। एयर फ्रायर के लिए ट्रे पर चकलियां फैलाएं। अब इसे 180 डिग्री सेल्सियस पर कम से कम 20-25 मिनट तक बेक करें।
तैयार चकली को मसाला चाय या मसाला दूध के साथ सर्व करें।


भारत के दो और beaches को मिला ब्लू फ्लैग, दुनिया के सबसे साफ-सुथरे बीच की लिस्ट में हुए शामिल

भारत के दो और beaches को मिला ब्लू फ्लैग, दुनिया के सबसे साफ-सुथरे बीच की लिस्ट में हुए शामिल

'ब्लू फ्लैग' दुनिया का बहुत ही खास और मान्यता प्राप्त स्वैच्छिक इको लेबल अवॉर्ड है, जो समुद्री तटों, मरीना बीच और सस्टेनेबल बोटिंग टूरिज्म ऑपरेटर्स को दिया जाता है। अब तक भारत में 8 समुद्री तटों को यह फ्लैग मिला था लेकिन हाल ही में इसमें दो और बीच शामिल हो गए हैं जो गर्व की बात है। तमिलनाडु के कोवलम और पुडुचेरी के ईडन समुद्र तट को ‘ब्लू फ्लैग’ दिया गया है। इसकी जानकारी ट्विटर के जरिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री, भूपेंद्र यादव ने साझा की है। 


पहले से शामिल 8 ब्लू फ्लैग Beahes

1. शिवराजपुर-गुजरात,

2. घोघला-दीव,

3. कासरकोड, कर्नाटक

4. कप्पड-केरल

6. रुशिकोंडा- आंध्र प्रदेश,

6. गोल्डन-ओडिशा

7. राधानगर- अंडमान और निकोबार

8. पदुबिद्री-कर्नाटक

इस देश के पास है सबसे ज्यादा ब्लू फ्लैग

ब्लू फ्लैग लिस्ट के हिसाब से फिलहाल स्पेन के पास दुनिया में सबसे ज्यादा 566 समुद्री तट हैं जो एकदम साफ-सुथरे हैं, जबकि ग्रीस के 515 और फ्रांस के 395 तट इसमें शामिल हैं। जहां प्रदूषण का स्तर तो कम है ही साथ ही नहाने के पानी की गुणवत्ता, पर्यावरण प्रबंधन और समुद्र तटों पर संरक्षण, सुरक्षा एवं सेवा भी बहुत बेहतर है।


एफईई देता है यह अवॉर्ड

समुद्री तटों को स्वच्छ और जीवों के अनुकूल बनाने की मुहिम चलाने वाली संस्था FEE (Foundation for Environmental Education) देशों के तटों को स्वच्छता के आधार पर चुनकर ब्लू फ्लैग देती है। यह एक गैर-सरकारी संस्था है, जिसके 60 सदस्य देश हैं। समुद्र तटों को पर्यावरण हितैषी बनाने के लिए ब्लू फ्लैग कार्यक्रम को फ्रांस के पेरिस से शुरू किया गया था।


तो घूमने-फिरने के हिसाब से तो ये बीचेज़ अच्छे हैं ही साथ में यहां पर्यावरण संरक्षण का भी खासतौर से ध्यान रखा जाता है।