औषधीय जड़ी- बूटियों का सेवन कर चर्बी कैसे करे कम, आइए जाने

औषधीय जड़ी- बूटियों का सेवन कर चर्बी कैसे करे कम, आइए जाने

बिगड़ती दिनचर्या व गलत खानपान के कारण मोटापे की समस्या आज आम बात हो गई है। फैट की चर्बी आना शरीर के लिए अच्छी बात नहीं है, ये अपने साथ कई तरह की बीमारियों को लेकर आता है।  

मोटापा कम करने के  लिए व्यायाम सबसे अच्छा उपाय है, लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग नियमित रूप से व्यायाम या योग नहीं कर पाते। ऐसे में उनके पास औषधीय जड़ी- बूटियों का सेवन कर फैट की चर्बी कम करने का उपाय बचता है। ये जड़ी बूटियां हमारे किचन में ही उपलब्ध हैं, जिनके द्वारा हम औषधि बना सकते हैं। आइए इन औषधियों के बारे में जानते हैं

मेथी दाने से घटाएं वजन

मेथी दाने का प्रयोग खाने में किया जाता है, लेकिन इसके कई फायदेमंद गुण होने के कारण अधिकांश लोग इसका प्रयोग औषधि के रूप में भी करते हैं। myUpchar से जुड़े डाक्टर लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, मेथी दाने में पाचन क्षमता बढ़ाने के गुण होते हैं, इसमें गैलेक्टोमेन्नन तत्व होता है। इस गुण के कारण मेथी दाना खाने से भूख कम लगती है। आदमी को इसे खाने के बाद बहुत ज्यादा देर तक पेट भरा हुआ महसूस होता है। यही नहीं इससे मेटाबॉलिज बढ़ता है व यह वसा को कम करता है। शरीर में वसा को कम करता है पुनर्नवा



पुनर्नवा एक औषधीय पौधा है। शरीर का वजन कम करने के साथ-साथ पेट की चर्बी भी जल्दी कम होती है। इसे खाने से किडनी की स्वास्थ्य मजबूत रहती है व पुनर्नवा शरीर को डिटॉक्सिफाई करने का भी काम करता है।

मालाबार इमली से भी कम होता है वजन

मालाबार इमली एक ट्रॉपिकल फल है, इसके सेवन से वजन कम होता है। यह वसा को शरीर में जमने से रोकती है व अलावा वसा को गलाने का कार्य करती है। इसके अतिरिक्त मानसिक तनाव को कम करती है व ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करती है।

शरीर को डिटॉक्सिफाई करे त्रिफला

myUpchar से जुड़े डाक्टर लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, त्रिफला 3 फलों को मिलकर बनता है वे हैं - हरीतकी, बिभीतकी व अमलकी। त्रिफला खाने से शरीर की सफाई होती है। इससे पाचन क्षमता बढ़ती है। त्रिफला शरीर में उपस्थित गंदगी को बाहर निकालने का कार्य करता है। त्रिफला के सेवन से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, जिससे वजन कार्य होता है।

दालचीनी बढ़ाए मेटाबॉलिज्म

दालचीनी मसालों में मुख्य होता है। स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ इसमें कई शारीरिक समस्याओं को दूर करने के गुण भी उपस्थित होते हैं। दालचीनी शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। दालचीनी का काढ़ा पीने से पेट की चर्बी जल्दी कम होती है। ध्यान रहे कि दालचीनी का काढ़ा 2 कप से अधिक ना लें क्योंकि इस की तासीर गर्म होती है, जिससे नुकसान भी हो सकते हैं।

रोज खाएं एक लहसुन की कली व नींबू

इस सभी औषधियों के अतिरिक्त रोज अपनी डाइट में लहसुन व नींबू को जरूर शामिल करना चाहिए, क्योंकि शरीर का वजन कम करने के साथ-साथ इम्यून सिस्टम मजबूत करना व दिल को मजबूत रखना भी बेहद महत्वपूर्ण है। लहसुन प्राकृतिक तौर पर खून को पतला करने में सहायक होता है। इससे दिल पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता है व रक्त मांसपेशियों में सरलता से प्रवाहित होता है। नींबू शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक होता है। इससे नयी कोशिकाओं के निर्माण में मदद मिलती है, जिससे शरीर मजबूत होता है। जिनका वजन ज्यादा होता है, उन्हें नींबू व लहसुन विशेषतौर पर रोज खाना चाहिए।