Horseback Riding का आनंद उठाने के लिए इन जगहों पर एक बार जरूर जाएं

Horseback Riding का आनंद उठाने के लिए इन जगहों पर एक बार जरूर जाएं

त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। इस सीजन में छुट्टी के दिनों में लोगों के पास पर्याप्त समय रहता है। इस दौरान लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ हॉलिडे सेलिब्रेट करने के लिए देश्भर की सैर करते हैं। हालांकि, कोरोना महामारी के दौर में घर से बाहर निकलते समय और यात्रा करते समय Covid-19 के संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां जरूर बरतें। सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स का सख्ती से पालन करें और लोगों को भी नियमों का पालन करने की हिदायत दें। अगर आप भी आने वाले दिनों में घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो Horseback Riding का आनंद उठाने के लिए इन जगहों पर जरूर जाएं। आइए जानते हैं-

दार्जलिंग

पश्चिम बंगाल में स्थित दार्जलिंग बेहद पॉपुलर हिल स्टेशन है। काफी संख्या में पर्यटक दार्जलिंग घूमने आते हैं। खासकर हॉर्स राइडिंग के लिए पश्चिम बंगाल पूर्व से ही प्रसिद्ध है। दार्जलिंग में जलापहाड़ स्थित है, जिसे पोनी स्टैंड भी कहा जाता है। यहां से दार्जलिंग का प्राकृतिक और मनोरम दृश्य का अवलोकन कर सकते हैं। जलापहाड़ में हॉर्स राइडिंग के लिए उपयुक्त सुविधाएं है। जब कभी दार्जलिंग घूमने के लिए जाएं, तो एक बार हॉर्स राइडिंग के लिए जलापहाड़ जरूर जाएं।


महाबलेश्वर

मुंबई के दक्षिण में महाबलेश्वर स्थित है। यह पश्चिम घाट का प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। पर्यटकों के लिए महाबलेश्वर आकर्षण का केंद्र है। खासकर बरसात के दिनों में महाबलेश्वर का प्राकृतिक नजारा देखने लायक रहता है। सूर्यास्त के समय हॉर्स राइडिंग करना सबसे उत्तम माना जाता है। इसके लिए महाबलेश्वर जाएं, तो सूर्यास्त के समय हॉर्स राइडिंग का आनंद उठाएं।


पुष्कर

आमतौर पर पुष्कर कैमल राइडिंग, पुष्कर मेला, ब्रह्मा जी का मंदिर और 52 घाटों के लिए प्रसिद्ध है। साथ ही पुष्कर में हॉर्स राइडिंग की उचित व्यवस्था है। आसान शब्दों में कहें तो पुष्कर हॉर्स राइडिंग के लिए बेहतर गंतव्य है। आप पुष्कर में मारवाड़ी घोड़ों की राइडिंग कर सकते हैं। इतिहास के पन्नों में मारवाड़ी घोड़ों का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। इतिहासकारों की मानें तो मारवाड़ घोड़े अपनी बहादुरी के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। जब कभी मौका मिले, एक बार पुष्कर जरूर जाएं।


अगर आपके पास आकर बैठ जाए यह पक्षी तो समझ लीजिये...

अगर आपके पास आकर बैठ जाए यह पक्षी तो समझ लीजिये...

इंसान की मृत्यु एक सार्वभौमिक क्रिया हैं जिसका हर किसी के साथ होना तय है। ऐसे में फिर भी सभी को मौत का भय सताता रहता है और सभी मौत से डरते हैंमौत का संकेत ऐसे में क्या आप जानते हैं कि मौत का पता कैसे चल सकता है, अगर नहीं तो आज हम आपको बताते हैं कि शिवपुराण में इसके संकेतों के बारे में बताया गया है। 

मिलते है ये संकेत:

# शिवपुराण के अनुसार जिस व्यक्ति के सिर पर गिद्ध, कौवा या कबूतर आकर बैठ जाता है उसकी मौत एक महीने में होना तय होती है।

# अगर किसी व्यक्ति का शरीर अचानक पीला व सफेद पड़ जाए अौर लाल निशान दिखाई दे तो समझ जाइए कि व्यक्ति की मृत्यु 6 महीने के भीतर होने वाली है।

# जिस मनुष्य की आंख, कान, मुंह अौर जीभ ठीक से काम न करें उसकी भी मृत्यु 6 महीने के अंदर होना तय होती है।

# जिस व्यक्ति को चंद्रमा या सूर्य के आस-पास काला या लाल घेरा दिखाई देने लगे तो समझ जाएं उस इंसान की मौत 15 दिन के अंदर होने वाली है।

# जब किसी इंसान को जल, घी, तेल या दर्पण में अपनी परछाई न दिखाई दें तो उसकी आयु 6 महीने से अधिक नहीं रहती है और वह मरने वाला होता है।