गुलाबी और मुलायम होंठ पाने के अपनाएं ये देसी उपाय

गुलाबी और मुलायम होंठ पाने के अपनाएं ये देसी उपाय

सर्दियों का मौसम बस शुरू होने वाला है। इस दौरान त्वचा का रूखापन बढ़ने की परेशानी का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ता है। बात अगर होंठों की करें तो ये भी रूखे व बेजान होने के साथ फटने लगते हैं। कभी- कभी तो होंठों में खून आने की भी परेशानी होने लगती है। ऐसे में चेहरे की मुस्कान खोने लगती है। ऐसे में अगर आपको भी इस समस्या का सामना करना पड़ता है तो आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में बताते हैं, जिस अपनाकर आप अपनी इस परेशानी से राहत पा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं उन देसी उपायों के बारे में...

हल्दी और दूध
एक कटोरी में 1-2 बूंदें दूध और चुटकीभर हल्दी पाउडर डालकर मिलाएं। तैयार पेस्ट को होंठों पर हल्के हाथों से मसाज करते हुए लगाएं। इससे होंठों को नमी मिलने के साथ सुंदर व गुलाबी होने में मदद मिलेगी। रोजाना इस मिश्रण को लगाने से फर्क नजर आने लगेगा। ‌

देसी घी 
सोने से पहले होंठों पर देसी घी लगाने से नमी मिलती है। इससे होंठों का रुखापन व फटने की समस्या दूर होंठ मुलायम व गुलाबी होते हैं।

शहद और चीनी 
होंठों का रुखापन दूर करने के लिए स्क्रब का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए एक कटोरी में 3-4 बूंदें शहद और 1/2 चम्मच चीनी मिलाएं। तैयार मिश्रण को अंगुली या ब्रश की मदद से होंठों पर रगड़ें। बाद पानी से धोएं। इससे होंठों का फटना दूर हो कोमल व गुलाबी होने में मदद मिलेगी। इस स्क्रब को हफ्ते में 2 बार जरूर लगाएं।

बादाम तेल
विटामिन-ई से भरपूर बादाम तेल की कुछ बूंदों को होंठों पर मसाज करने से भी ड्राई लिप की परेशानी से राहत मिलती है। इससे होंठों के फटने की समस्या दूर हो मुलायम व गुलाबी होने में मदद मिलती है।

सरसों का तेल 
होंठों के फटने व रूखेपन की परेशानी से निजात पाने के लिए सरसों का तेल भी फायदेमंद होता है। इसके लिए रोजाना सोने से पहले नाभि में सरसों के तेल की कुछ बूंदें डालें। इससे होंठों को नमी मिलेगी। ऐसे में होंठ कोमल व मुलायम और गुलाबी होते हैं। 


बाजारों में धड़ल्ले से बिक रहा मिलावटी शहद

बाजारों में धड़ल्ले से बिक रहा मिलावटी शहद

शहद में मिलावट का गोरखधंधा और इसमें बड़े पैमाने पर मिलाटी कालाबाजारी चल रही है। CSE की ओर से बुधवार को शहर की मिलावट को लेकर एक रिपोर्ट जारी की गई थी, जिसमें बताया गया था कि आजकल कई बड़ें ब्रांड शहद में मिलावट कर रहे हैं। यह हालत सिर्फ सड़क किनारे बैठे भगोने में बिकने वाले शहद की नहीं, बल्कि नामी गिरामी ब्रांडेड शहद की भी है। यह खुलासा सेंटर फार साइंस एंड एनवॉयरामेंट (CSE) ने किया है।

लोगों के साथ हो रही मिलावट खाद्य धोखाधड़ी
CSE की महानिदेशक सुनीता नारायण ने इसका खुलासा करते हुए कहा कि बाजारों में बिक रहे शहद के लगभग सभी ब्रांडों में जबरदस्त तरीके से शुगर सिरप (Sugar syrup) की मिलावट हो रही है। वहीं, सुनीता नारायण का कहना है कि शहर में शुगर सिरप की मिलावट खाद्य धोखाधड़ी (Food Fraud) है। यह 2003 और 2006 में सीएसई द्वारा सॉफ्ट ड्रिंक में की गई मिलावट की खोजबीन से ज्यादा कुटिल और ज्यादा जटिल है।

पतंजलि ने क्या कहा?
खबर का खंडन करते हुए डाबर और पतंजलि ने कहा कि यह दावे प्रेरित लगते हैं और इनका लक्ष्य कंपनी की छवि को खराब करना है। इसके अलावा कंपनियों ने कहा कि उनकी तरफ से बेचे जा रहे शहर पूरी तरह से असली हैं। इसके साथ ही उनको प्राकृतिक चीजों से तैयार किया जाता है और इसमें किसी भी तरह की चीनी की मिलावट नहीं की जाती है।

77 फीसदी नमूनों में शुगर सिरप की मिलावट
लोग इस समय जानलेवा कोविड-19 के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं और इससे बचने का कोई रास्ता नहीं है। ऐसे कठिन समय में भोजन में चीनी का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल (Overuse) हालात को और भयावह बना देगा। रिपोर्ट में भारत और जर्मनी की प्रयोगशाला में हुए अध्ययनों पर आधारित है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट द्वारा की गई यह गहरी पड़ताल बताती है कि भारत के सभी प्रमुख ब्रांड के शहद में जबरदस्त मिलावट की जा रही है।

77 फीसदी नमूनों में शुगर सिरप की मिलावट पाई गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य न्यूक्लियर मैग्नेटिक रेजोनेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी (NMR) परीक्षण में 13 ब्रांड में सिर्फ 3 ब्रांड ही पास हुए। उनका कहना है कि शहद के शुद्धता की जांच के लिए तय भारतीय मानकों के जरिए मिलावट को नहीं पकड़ा जा सकता, क्योंकि चीन की कंपनियां ऐसे शुगर सिरप तैयार कर रही हैं जो भारतीय जांच मानकों को आसानी से खरे उतरते हैं।


 
13 शीर्ष और छोटे ब्रांड वाले प्रोसेस्ड शहद को चुना। इन ब्रांड के नमूनों को सबसे पहले गुजरात के राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) में स्थित सेंटर फॉर एनालिसिस एंड लर्निंग इन लाइवस्टॉक एंड फूड (CALF) में जांचा गया। लगभग सभी शीर्ष ब्रांड (एपिस हिमालय छोड़कर) शुद्धता के परीक्षण में पास हो गए, जबकि कुछ छोटे ब्रांड इस परीक्षण में फेल हुए, उनमें सी3 और सी4 शुगर पाया गया, यह शुगर चावल और गन्ने के हैं। लेकिन जब इन्हीं ब्रांड्स को न्यूक्लियर मैग्नेटिक रेजोनेंस (NMR) परीक्षण पर परखा गया तो लगभग सभी ब्रांड के नमूने फेल पाए गए। एनएमआर परीक्षण वैश्विक स्तर पर मोडिफाई शुगर सिरप को जांचने के लिए प्रयोग किया जाता है। 13 ब्रांड परीक्षणों में सिर्फ 3 ही एनएमआर परीक्षण में पास हो पाए। इन्हें जर्मनी की विशेष प्रयोगशाला में जांचा गया था।

खोज में यह तथ्य मिलने का किया था दावा
77 फीसदी नमूनों में शुगर सिरप के साथ अन्य मिलावट पाए गए।
कुल जांचे गए 22 नमूनों में केवल पांच ही सभी परीक्षण में पास हुए।
शहद के प्रमुख ब्रांड्स जैसे डाबर, पतंजलि, बैद्यनाथ, झंडु, हितकारी और एपिस हिमालय, सभी एनएमआर टेस्ट में फेल पाए गए
13 ब्रांड्स में से सिर्फ 3 – सफोला, मार्कफेड सोहना और नेचर्स नेक्टर, सभी परीक्षणों में पास पाए गए।
भारत से निर्यात किए जाने शहद का एनएमआर परीक्षण 1 अगस्त, 2020 से अनिवार्य कर दिया गया है, जो यह बताता है कि भारत सरकार इस मिलावटी व्यापार के
बारे में जानती थी, इसलिए उसे अधिक आधुनिक परीक्षणों की आवश्यकता पड़ी।
सुनीता नारायण ने कहा कि हमने जो भी पाया वह चौंकाने वाला था। यह दर्शाता है कि मिलावट का व्यापार कितना विकसित है जो खाद्य मिलावट को भारत में होने वाले परीक्षणों से आसानी से बचा लेता हैं। हमने पाया कि शुगर सिरप इस तरह से डिजाइन किए जा रहे कि उनके तत्वों को पहचाना ही न जा सके, बड़ी—बड़ी ब्रांडेड कंपनियों का शहद हम बड़ी ही शौक से खाते हैं जबकि इसमें पूर्णतय: मिलावट है। उदाहरण के लिए, हम अक्सर मानते हैं कि यदि शहद क्रिस्टलीकृत होता है तो यह शहद नहीं है। यह सही नहीं है। हमें शहद के स्वाद, गंध और रंग को सीखना शुरू करना चाहिए जो कि प्राकृतिक है।

नारायण ने कहा कि हम अधिक शहद का उपभोग कर रहे हैं ताकि महामारी से लड़ सकें। लेकिन शुगर की मिलावट वाला शहद हमें बेहतर नहीं बना रहा है। असल में यह हमें और खतरे में डाल रहा है। वहीं दूसरी तरफ हमें और अधिक चिंतित होना चाहिए क्योंकि मधुमक्खियों को खोकर हम अपनी खाद्य प्रणाली को खत्म कर देंगे। यह मधुमक्खियां परागण के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं, यदि शहद में मिलावट होगी तो हम सिर्फ अपनी सेहत नहीं खोएंगे, बल्कि हमारी कृषि की उत्पादकता भी खो देंगे।


स्टडी में दावा- दिनभर बैठे रहने से होने वाली खतरनाक समस्या , इसे टाला जा सकता है एक्सरसाइज से...       रतलाम में तिहरे हत्याकांड का आरोपी मुठभेड़ में मारा गया, लूट के बाद पूरे परिवार की हत्या कर देता था आरोपी       रजनीकांत 31 दिसंबर को पार्टी का ऐलान करेंगे, तमिल राजनीति में छठे बड़े फिल्मी सितारे की एंट्री       ग्रीन कार्ड के लिए देशों का तय कोटा खत्म होगा, वेटिंग लिस्ट में शामिल भारतीयों को फायदा       बड़े घरेलू मार्केट का मिला फायदा, दुनिया के टॉप 10 एयरलाइन स्टॉक्स लिस्ट में चीन की 9 कंपनियां तो भारत की एकमात्र इंडिगो शामिल       घरेलू उड़ानों में 10% का इजाफा, एविएशन मिनिस्ट्री ने अब 80% फ्लाइट्स की मंजूरी दी       किसानों के समर्थन में प्रकाश सिंह बादल ने पद्मविभूषण लौटाया, ताकि कैप्टन फायदा न उठा सकें       सरकार भरोसा दिला रही और किसान कानून वापस लेने पर अड़े, चौथी बैठक में भी नहीं बनी बात...       शिवसेना में शामिल होने के बाद उर्मिला ने सोशल मीडिया पर किया यह अनोखा ट्वीट       विधानसभा चुनाव से पहले साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत करेंगे अपनी पार्टी का ऐलान       पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने फ़ौरन नए कृषि कानूनों को लेकर की यह बड़ी मांग       झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने कहा,''अपने पैरों पर खड़ा करके बनाएंगे दौड़ने योग्य.....       कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान आंदोलन को लेकर दिया यह बड़ा बयान, जाने       हरियाणा में नगर निगम चुनाव के लिए जाने कब होगा मतदान       लव जिहाद : आला हजरत ने फतवा देकर लालच- जबरन तरीके से धर्म परिवर्तन कराने को लेकर बोली यह बड़ी बात       ममता सरकार के कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए भाजपा कर सकती है इतने करोड़ से ज्यादा परिवारों का दौरा       कांग्रेस की दिल्ली इकाई के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को लेकर की यह बड़ी मांग       GMCH में भाजपा ने लगाई अपनी पूरी जान, जाने क्या है ओवैसी की पार्टी AIMIM का हाल       घर से निकल जाने के बाद कविता कौशिक ने कही रुबीना को लेकर यह बड़ी बात       कंगना रनौत ने किया हिमांशी खुराना को ट्विटर पर ब्लॉक, जाने यह बड़ा कारण